पुरानी कार खरीदते समय ऐसे लगता है लाखों का चूना, ऐसे करें डील फिर होगा आपको फायदा

देश में पुरानी कार (Used car/Second hand car) का मार्केट लगातार ग्रोथ कर रहा है, यह मार्केट ऐसे ग्राहकों को लुभाता है जो कम बजट से एक अच्छी और साफ-सुथरी कार खरीदना चाहते हैं। लेकिन जितना आसान एक नई कार खरीदना होता है उतना ही मुश्किल एक पुरानी कार खरीदना होता है। ऐसे में कई अक्सर देखने में आता है कि कई पुरानी कार बेचने वाले डीलर्स कुछ पैसे के लालच में लोगों को बेवकूफ बनाकर खराब कार बेच देते हैं। जिन लोगों को कार खरीदने जानकारी नहीं होती वो लोग बिना कार को जांचे और मोल भाव ठीक से न करके अपने लाखों रुपये का नुकसान कर जाते हैं। इतना ही नहीं कुछ डीलर्स खराब कार को अच्छे से चमका कर बेच देते हैं जिसकी वजह से भी लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। 

लेकिन अब कई अच्छे शो-रूम खुल गये हैं जो पुरानी कारों में डील करते हैं और उन्हीं कारों को खरीद कर बेचते हैं जो अच्छी होती हैं, और उनमें  कोई खराबी नहीं होती, साथ ही कोई एक्सीडेंट न हुआ हो इसकी भी जांच करते हैं। वहीं पुरानी कारों पर वारंटी और कुछ फ्री सर्विस भी दी जा रही है। तो इस रिपोर्ट में हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बता रहे हैं जिनको फॉलो करके आप पुरानी कार में बेहतर डील प्राप्त कर सकते हैं और आपको पैसे की बचत होगी।

सेकेंड हैंड कार खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

गाड़ी के पेपर्स की करें पूरी जांच

जिस कार को आप फाइनल करने जा रहे हैं पहले उसे सभी पेपर्स की जांच करें, जैसे RC, रजिस्ट्रेशन, बीमा पेपर्स।  इसके अलावा पिछले 2-3 साल में नो क्लेम बोनस ट्रैक करें। इससे आपको गाड़ी के एक्सीडेंट या किसी अन्य वजह से मरम्मत और रखरखाव पर होने वाले खर्च की जानकारी मिलेगी। ध्यान रहे सभी पेपर्स ओरिजिनल ही देखें, फोटो कॉपी, या मोबाइल में पेपर्स न देखें, यह धोखा हो सकता है।

टेस्ट ड्राइव जरूर लें

जो गाड़ी आपने पसंद की है उसकी टेस्ट ड्राइव जरूर करें, याद रखें टेस्ट ड्राइव थोड़ी लम्बी होगी तो आपको बेहतर आइडिया मिलेगा उसे समझने में। जल्दबाजी में कभी भी छोटी दूरी का टेस्ट ड्राइव ना लें। ड्राइव के दौरान यह चेक करें कि इंजन से कोई आवाज़ तो नहीं आ रही, सस्पेंशन, क्लच, ब्रेक और गियर शिफ्टिंग को चेक करें। इसके अलावा वाइब्रेशन पर भी ध्यान दें। अगर किसी भी तरह का एक्सट्रा नॉइज और वाइब्रेशन महसूस हो तो कार डीलर से बात करें।

स्टीयरिंग चेक करें

इसके अलावा ड्राइव के दौरान अगर  स्टीयरिंग से किसी भी तरह का वाइब्रेशन या कार के एक तरफ ज्यादा भागने की कमी महूसस हो रही हो और गाड़ी आपके कंट्रोल से बाहर हो तो, ऐसे कार को खरीदने से बचना चाहिए,  याद रहे अक्सर डीलर ऐसी गाड़ियों को सही बताकर आपको चिपकाने की कोशिश में रहते हैं।

गाड़ी का टेम्प्रेचर

ड्राइव लेने से पहले गाड़ी के बोनट पर हाथ रखें और टेम्प्रेचर चेक करें। अगर कार का टेम्प्रेचर नॉर्मल हैं तो कोई बात नहीं लियन अगर यह बहुत ज्यादा है तो ऐसी कार की ड्राइव न ले और डील आगे न बढ़ाए, क्योंकि हीटिंग का इशू आगे चलकर आपका खर्चा बढ़ा सकता है।

हैंड ब्रेक टेस्ट

ड्राइव के दौरान हैंड ब्रेक जरूर लगाकर देखें, क्योंकि सिटी और चढ़ाई के सबसे ज्यादा हैंड ब्रेक की ही जरूरत पड़ती है। अचानक ब्रेक टेस्ट करने के लिए आप कार को किसी खुले  मैदान में जा सकते हैं। इससे आप ब्रेक और ब्रेक शू की हकीकत जान सकेंगे।

गाड़ी के धुंए को चेक करें

एक बात और ध्यान देने वाली यह है कि गाड़ी के साइलेंसर के निकलने वाले धुंए के रंग पर ध्यान दें। यदि धुंए का रंग नीला, काला है तो यह इस बात का संकेत है कि इंजन में कोई खराबी है। इसके अलावा इंजन में ऑयल लीकेज की समस्या भी हो सकती है।