देश में Electric Vehicle अब पेट्रोल कारों से भी हो जाएंगे सस्ते ! जानें क्या है सरकार की तैयारी

यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने GST में कटौती का फैसला पहली बार नहीं लिया है। पिछले चार सालों में यह दूसरी बार है जब सरकार ने GST दर में कमी की है।

अब यह कहना गलत नहीं होगा कि अब समय तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ शिफ्ट हो रहा है। लोगों को लुभाने के लिए अब नए-नए EV कम प्राइस और ज्यादा रेंज के साथ आने लगे हैं। एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि आने वाले समय में यह टेक्नोलॉजी और भी किफायती होगी, जिससे इलेक्ट्रिक वाहन (Electric Vehicles) काफी सस्ते हो सकते हैं। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicles) की संख्या में तेजी से ग्रोथ देखी गई है। लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने समय –समय आर कई प्रोत्साहन प्रोग्राम भी लागू किए हैं, जिनकी मदद से इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल में काफी बढ़त देखने को मिली है । वहीं  सरकार ने बैटरी पैक पर GST  को 18 प्रतिशत से कम करके 5 प्रतिशत करने का एक अच्छा कदम उठाया है यानी अब 13 प्रतिशत GST घटाया जा रहा है, चाहे वे बैटरी से लैस हों या नहीं। अब यह सब करने का एक की टार्गेट है और वो ये है कि पेट्रोल पर निर्भरता कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण और इस्तेमाल दोनों पर जोर दिया जा रहा है। इस तरह के फैसले की हर जगह सराहना हो रही है। सिर्फ देश ही नहीं दुनिया में सभी जगह ऐसे ही उचित कदम उठाये जा रहे हैं।

प्रोडक्शन और डिमांड बढ़ेगी

सरकार द्वारा GST पर इतनी बड़ी रियायत देने का एक ही उद्देश्य है और वह यह है कि देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रोडक्शन और डिमांड को बढ़ाना जा सके। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा ही कि GST में कटौती का फैसला पिछले महीने GST काउंसिल ने लिया था। ईवी निर्माता और विस्तार से भारतीय ग्राहक ईवी बैटरी टैक्स में कटौती का लाभ पाएंगे। एक इलेक्ट्रिक वाहन का बैटरी पैक उसकी लागत का 50 प्रतिशत तक होता है।

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पहले भी घटाया है टैक्स

यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने GST में कटौती का फैसला पहली बार नहीं लिया है। पिछले चार सालों में यह दूसरी बार है जब सरकार ने GST दर में कमी की है। आंकड़ों की माने तो साला 2018 में इसे 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया था। जिसकी वजह से काफी EV ब्रांड्स आगे आये थे।

भारत में लगातार बढ़ रही हैं EV वाहनों की मांग

जिस तरह से देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार ऊपर नीचे हो रही हैं उस लिहाज से अब लोग EV पर शिफ्ट होने को तैयार हैं।  टाटा मोटर्स इस समय इलेक्ट्रिक वाहनों के सेगमेंट में सबसे ऊपर है। कंपनी की Nexon EV सबसे ज्यादा बिकने वाली गाड़ी है, लेकिन यह देखने में आ रहा है कि कार निर्माता कंपनियां फीचर्स लोडेड EV पर ज्यादा फोकस करने में लगी हैं, जिनकी वजह से वह महंगी हैं। जबकि देश में किफायती इलेक्ट्रिक वाहनों की ज्यादा जरूरत है। चार्जिंग स्टेशन ठीक वैसे ही ओपन होने चाहिए जैसे कि पेट्रोल पंप हैं। ताकि जब कभी भी जरूरत पड़े लोग आसानी से EV को चार्ज कर सकें, खासकर हाइवे पर इनकी ज्याद जरूरत है। अक्सर लोग वीकेंड पर घूमने निकल पड़ते हैं जिसकी वजह से वो EV की पेट्रोल या डीजल कारों को इस्तेमाल करना पसंद करते हैं। सरकार और इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनियां अगर इस तरफ ध्यान दें तो काफी कुछ बेहतर हो सकता है।

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