अप्रैल में बढ़ सकती है आपकी पसन्दीदा Royal Enfield की कीमत

अप्रैल से आपकी शान की सवारी कुछ महंगी हो सकती है. रॉयल एनफील्ड के सीईओ विनोद के दासारी ने घोषणा की है, “कमोडिटी की कीमतें बढ़ गई हैं. हमने पिछले कुछ महीनों में प्राइस हाइक समेत कई चीजों की भरपाई करने की कोशिश की है. संभवत: अप्रैल में फिर से कीमतें बढ़ाएंगे.”


बाइक निर्माता रॉयल एनफील्ड, जो आयशर मोटर्स का एक हिस्सा है, पहले ही पिछले छह महीनों में कई बार कीमतों में वृद्धि कर चुकी है. मूल्य वृद्धि की मात्रा के बारे में पूछे जाने पर, दासारी ने कहा कि यह वृद्धि सिंगल डिजिट में होगा.


कंपनी के एक्सपोर्ट योजनाओं के बारे में बताते हुए आयशर के प्रबंध निदेशक सिद्धार्थ लाल ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य विश्व स्तर पर मध्यम आकार के मोटरसाइकिल सेगमेंट में नंबर एक खिलाड़ी बनना है. उन्होंने कहा, “हम दुनिया भर के सभी बाजारों में मौजूद रहना चाहते हैं. हमारा उद्देश्य अगले दशक में मिड साइज बाइक सेगमेंट में नंबर एक खिलाड़ी बनना है.”


लाल ने कहा कि कंपनी के मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट्स में उत्पादन क्षमता के मामले में एक या दो साल के लिए पर्याप्त हेडरूम था. इलेक्ट्रिक वाहनों के लांच पर उन्होंने कहा कि लागत और अन्य कारकों के कारण कंपनी उन उत्पादों के साथ बाहर आने के लिए तैयार नहीं है जिन्हें कंपनी लाना चाहती है.


उन्होंने कहा कि कंपनी ईवी तकनीक पर काम कर रही है, लेकिन इस तरह के वाहनों को लांच करने को ले कर कंपनी के पास अभी फिलहाल कोई योजना नहीं है. उन्होंने ये भी जानकारी दी कि 31 दिसंबर, 2020 को समाप्त तिमाही के दौरान, रॉयल एनफील्ड ने 1.99 लाख यूनिट सेल की, जो अक्टूबर-दिसंबर 2019-20 में 1.89 लाख यूनिट से 5 प्रतिशत अधिक थी.

1893 में स्थापित रॉयल एनफील्ड तब एनफील्ड साइकिल कंपनी के नाम से जाना जाता था. 1901 में एनफील्ड साइकिल ने अपनी पहली मोटरसाइकिल का निर्माण किया था, जिसे  भारतीय सेना और पुलिस द्वारा ज्यादा इस्तेमाल किया जाता था. अभी इस कंपनी का मालिकाना हक आयशर मोटर्स के पास है.
बहरहाल, एक तरफ जहां रॉय़ल एनफील्ड अपने नए वर्जन लाने की तैयारी कर रहा है, वहीं आप भी इसकी बढती कीमतों का सामना करने के लिए तैयार हो जाइए.


सत्यव्रत का मानना है कि टेक्नॉलजी का जितना इस्तेमाल करेंगे, उतना जानेंगे. इसी के चलते उन्होंने टेक जर्नलिस्ट बनने का फैसला लिया. सत्यव्रत ने अपने करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की थी, साल 2015 में वह ज़ी न्यूज़ से जुड़े. वह न केवल टेक को अच्छी तरह से समझते हैं बल्कि यह भी जानते हैं कि कौन सी स्टोरी पाठकों को ज्यादा पसंद आती हैं. अब सत्यव्रत Mysmartprice से जुड़े हैं. और यहां भी उनका मकसद हर रोज बदल रही टेक्नॉलजी की दुनिया की हर बारीकी को आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाना है.