आपकी कार का टायर अब नहीं होगा पंक्चर, आ रहे हैं Airless Tyres ! जानिए क्यों होते हैं खास

अभी तक ऐसी कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है कि एयरलेस टायर्स से कोई हादसा हुआ हो। लेकिन जानकारों की मानें तो इनके कई नुकसान भी हो सकते हैं।

Airless Tyre: पहले ट्यूब वाले टायर्स का जमाना था, लेकिन जब वो पंक्चर होते थे तब बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आज के समय में दुनियाभर में लगभग 200 मिलियन से ज्यादा टायर्स हर साल समय से पहले पंक्चर या खराब हो जाते हैं।  खैर, उसके बाद फिर समय आया ट्यूबलेस टायर्स का, और अभी तक इनका इस्तेमाल गाड़ियों में हो रहा है। इन टायर्स की खास बात यह है कि अगर ये पंक्चर भी हो जाएं, तो कुछ किलोमीटर तक बिना किसी परेशानी के चलते हैं। इन टायर्स की परफॉर्मेंस भी काफी बढ़िया होती है। ये आसानी से फिट होते हैं और यदि पंक्चर हो भी जाए तो बिना टायर निकाले इन्हें ठीक किया जाता है। लेकिन अब टेक्नोलॉजी और ज्यादा विकसित हो गई है। अब ऐसे टायर्स पर काम किया जा रहा है जोकि पंक्चर ही नहीं होंगे। गुडईयर और मिशेलिन जैसी टायर बनाने वाली कंपनियां ऐसा एयरलेस टायर (Airless Tyres) बना चुकी हैं, जो कभी पंक्चर नहीं होगा। इस तरह के टायर्स की टेस्टिंग भी शुरू हो चुकी है।

एयरलेस टायर्स कैसे होते हैं?

एयरलेस टायर्स का डिजाइन ही इनकी सबसे बड़ी खासियत है। इन्हें इस तरह डिजाइन किया जाता है कि इनमें हवा भरवाने की जरूरत ही नहीं पड़ती। इन टायरों के अंदर रबड़ के स्पोक्स और बेल्ट का इस्तेमाल किया गया है। वहीं, वाहनों का भार उठाने के लिए इनमें पतले और मजबूत फाइबर ग्लास का इस्तेमाल किया गया है। और यही वजह है कि ये टायर्स जिंदगी भर पंक्चर नहीं होते हैं और इनसे टायर फटने के दौरान हुए हादसों को रोका जा सकता है। यानी इन टायर्स के भरोसे आप हर तरह के रास्तों पर बिना किसी टेंशन के जा सकते हैं।

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एयरलेस टायर्स क्यों हो रहे हैं पॉपुलर?

इन दिनों  ट्विटर पर एक वीडियो काफी तेजी से पॉपुलर हो रहा है, जिमसें टेस्ला की कारों में एयरलेस टायर के साथ टेस्टिंग करते स्पॉट किया गया है। कारों में लगने वाले स्टैंडर्ड टायर के मुकाबला इस अनोखे टायर की लाइफ भी काफी ज्यादा होगी। ऐसा दावा किया गया है। इस टायर से दुर्घटनाओं में भी काफी कमी आएगी और इनकी लाइफ ज्यादा होने के चलते इन्हे स्क्रैप भी कम संख्या में किया जाएगा।

सबसे पहले मिशेलिन बना चुकी है एयरलेस टायर

पिछले 8 सालों से Michelin अभी तक एयरलेस टायर्स पर काम कर रही है। कंपनी ने 2014 में ट्वील कॉन्सेप्ट को भी पेश किया था और इसे कॉमर्शियल इस्तेमाल के लिए तैयार करने के लिए नए प्लांट में 50 मिलियन डॉलर का निवेश किया गया और Uptis इसी का एक मॉडल है। कंपनी ने इस एयरलेस टायर को 2019 में पेश किया था और इसे जनरल मोटर और मिशेलिन ने साथ में मिलकर बनाया है। सबसे पहले इसका इस्तेमाल जनरल मोटर की नई शेवरोले बोल्ट में किया गया। आने वाले समय में हर गाड़ी में एयरलेस टायर का ही इस्तेमाल किया जा सकता है।

एयरलेस टायर्स के नुकसान?

अभी तक ऐसी कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है कि एयरलेस टायर्स से कोई हादसा हुआ हो। लेकिन जानकारों की मानें तो इनके कई नुकसान भी हो सकते हैं। कुछ एक्सपर्ट ने दावा किया है कि एयरलेस टायर का असर गाड़ियों की माइलेज पर पड़ेगा। वहीं, अभी तक इस बारे में भी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है कि स्टैंडर्ड टायर की तुलना में इनकी उम्र कितनी ज्यादा है। सही डाटा आने पर ही इन बातों की जानकारी मिलेगी।

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