अगर आप ने WhatsApp प्राइवेसी पॉलिसी Accept नहीं की, तो क्या होगा?

आज के सोशल मीडिया के युग में पॉपुलर ऐप्स समय के साथ कई अपडेट्स लेकर आती हैं जिनमें प्राइवेसी पॉलिसी में लगातार हो रहे बदलावों को मानना भी शामिल है। इसी कड़ी में, इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप अपनी हालिया प्राइवेसी पॉलिसी अपडेट से पीछे नहीं हटा है। अगर आप इस नई प्राइवेसी पॉलिसी के बदलावों को नहीं मानते, तो आपका व्हाट्सएप अकाउंट बन्द भी हो सकता है। जी हां, अगर आप भी व्हाट्सएप यूजर हैं और आपको इन नए नियमों के बारे में नहीं पता, तो यह आर्टिकल आपके लिए है।

आपको बता दें कि इससे पहले व्हाट्सएप ने अपनी प्राइवेसी पॉलिसी को मानने के लिए यूजर्स को 8 फरवरी तक की डेड लाइन दी थी लेकिन अब इस समय सीमा को बढ़ा दिया गया है। दरअसल, व्हाट्सएप ने यह डेड लाइन यूजर्स को अपनी पॉलिसी में बदलावों की जानकारी देने के लिए बढ़ाई है। अब इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप ने इस नई प्राइवेसी पॉलिसी के रोलआउट को 3 महीने और बढ़ा कर 15 मई तक कर दिया है।

ये जानना भी दिलचस्प होगा कि यूरोप में व्हाट्सएप अलग तरह की प्राइवेसी पॉलिसी के साथ काम करता है और वहां कंपनी यूजर्स को नए बदलावों को मानने के लिए मजबूर नहीं करती। व्हाट्सएप ने अब बताया है कि यदि आप नई शर्तों को नहीं मानते हैं तो आपके अकाउंट का क्या होगा। 15 मई के बाद नई शर्तों को स्वीकार ना करने पर आपको अपने अकाउंट से हाथ धोना पड़ेगा। हाल ही में कंपनी ने एक सूचना जारी की है, जिसमें कहा गया है, “थोड़े समय के लिए, आप कॉल और मैसेज रिसीव कर पाएंगे, लेकिन एप्लिकेशन से मैसेज पढ़ने या भेजने में सक्षम नहीं होंगे।” आपको बताते चलें कि इस ब्यान में “थोड़े समय के लिए” का मतलब है कुछ हफ़्ते, जब तक कि आपका अकाउंट पूरी तरह से डिलीट नहीं कर दिया जाता।

इसके अलावा व्हाट्सएप ने अब अपने मर्चेंट पार्टनर्स के को भी इन बदलावों के बारे में जानकारी दे दी है जो अपना सामान और सेवाओं को बेचने के लिए व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते हैं। गौरतलब है कि इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप अपना विज्ञापन देने के लिए अपने मर्चेंट पार्टनर्स से फीस लेता है। अब जो यूजर्स इस नई पॉलिसी को स्वीकार नहीं करेंगे, वे अपने अकाउंट के साथ-साथ अपनी चैट हिस्ट्री से भी हाथ धो बैठेंगे। इस समस्या से बचने का एकमात्र विकल्प बस ये है कि यूजर्स अपनी चैट हिस्ट्री को टेलीग्राम और सिग्नल जैसे विभिन्न मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर स्विच कर दें। इन दोनों ऐप्स पर आप अपनी व्हाट्सएप चैट हिस्ट्री को सुरक्षित रख सकते हैं।

हालांकि इस सब के बावजूद, यूजर्स के पास 15 मई की डेड- लाइन के बाद भी व्हाट्सएप की नई शर्तों को स्वीकार करने का विकल्प होगा। जी हां, 15 मई के बाद आपको 120 दिनों के अंदर ये फैसला लेना होगा कि आप इस ऐप की प्राइवेसी पॉलिसी को माने या नहीं। और अगर यूजर्स इन 120 दिनों के अन्दर नए नियम स्वीकार नहीं करते तो उनका व्हाट्सएप अकाउंट हमेशा के लिए इनेक्टिव (निष्क्रिय) कर दिया जाएगा।

दोस्तो, हमें उम्मीद है कि ये जानकारी आपको पसन्द आई होगी। आप ऊपर लिखी बातों को मानकर अपना व्हाट्सएप अकाउंट बन्द होने से बचा सकते हैं।


सत्यव्रत का मानना है कि टेक्नॉलजी का जितना इस्तेमाल करेंगे, उतना जानेंगे. इसी के चलते उन्होंने टेक जर्नलिस्ट बनने का फैसला लिया. सत्यव्रत ने अपने करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की थी, साल 2015 में वह ज़ी न्यूज़ से जुड़े. वह न केवल टेक को अच्छी तरह से समझते हैं बल्कि यह भी जानते हैं कि कौन सी स्टोरी पाठकों को ज्यादा पसंद आती हैं. अब सत्यव्रत Mysmartprice से जुड़े हैं. और यहां भी उनका मकसद हर रोज बदल रही टेक्नॉलजी की दुनिया की हर बारीकी को आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाना है.