बर्तन धोने के लिए Dishwasher खरीदने जा रहे हैं, तो जान लें ये बेसिक बातें…

महानगरों के साथ छोटे शहरों में भी डिशवॉशर (Dishwasher) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। इसकी मदद से न सिर्फ बर्तनों की सफाई काफी आसान हो जाती है, बल्कि आप अपना काफी समय भी बचा सकते हैं। इसके साथ किचन की साफ-सफाई भी बनी रहती है। आपको बता दें कि जिस तरह से कपड़ों की सफाई के लिए वॉशिंग मशीन (washing machine) का इस्तेमाल करते हैं, कुछ उसी तरह बर्तनों की सफाई के लिए डिशवॉशर का इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर आप भी डिशवॉयर खरीदने की सोच रहे हैं, तो कुछ बेसिक बातों का जरूर ध्यान रखें…

कई तरह के होते हैं Dishwasher
इन दिनों बाजार में आपको कई तरह के डिशवॉशर्स मिल जाएंगे। यह बिल्ट-इन, पोर्टेबल और काउंटरटॉप (countertop dishwasher) में भी उपलब्ध हैं। मगर खरीदारी के वक्त आपको यह जरूर ध्यान रखना चाहिए कि आप किराये के मकान में रहते हैं या फिर मकान अपना है। किराये वाले घर के लिए बिल्ट-इन टाइप डिशवॉशर लेते हैं, तो फिर घर बदलते समय परेशानी हो सकती है। हर डिशवॉशर मॉडल की अपनी अलग खासियत होती है। अगर कम इस्तेमाल करना है, तो फिर ड्रॉर्ज डिशवॉशर एक विकल्प हो सकता है। इसमें मल्टीपल ड्रॉर्ज भी आते हैं। अगर किचन में जगह नहीं है, तो फिर पोर्टेबल डिशवॉशर (portable dishwasher) का इस्तेमाल कर सकते हैं।

सही साइज क्या है
हमेशा किचन स्पेस (kitchen space) को ध्यान में रखते हुए ही डिशवॉशर की खरीदारी करनी चाहिए। अगर किचन स्टैंडर्ड साइज का है, तो 24 इंच वाला डिशवॉशर (Dishwasher) एक अच्छा विकल्प हो सकता है। आपको बता दें कि यह Dishwasher का स्टैंडर्ड साइज है। आमतौर पर बड़ी फैमिली के लिए यह सही माना जाता है। अगर फैमिली छोटी है, तो फिर 18 इंच वाला कॉम्पैक्ट डिशवॉशर भी एक विकल्प हो सकता है। इसके लिए किचन का बड़ा होना जरूरी नहीं है। इसे छोटे साइज वाले किचन में भी रख सकते हैं।

इन बातों का ध्यान रखें
नॉयज लेवल
डिशवॉशर खरीदते समय नॉयज लेवल (noise level) का ध्यान जरूर रखें। अगर नॉयज लेवल ज्यादा होगा, तो आपको परेशानी होगी। ऐसे में उन डिशवॉशर का चुनाव करें, जिनका नॉयज लेवल कम हो। हालांकि कम नॉयज लेवल वाले डिशवॉशर के लिए आपको ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।

बर्तन का साइज
डिशवॉयर (Dishwasher)का इस्तेमाल बर्तन धोने के लिए होता है, लेकिन किचन में किस साइज का बर्तन ज्यादा इस्तेमाल होता है, उसका भी ध्यान रखें। इसलिए यह देखना जरूरी है कि डिशवॉशर में वह बर्तन साफ हो सकता है या नहीं। हालांकि इसमें एडजस्ट करने वाले रैक्स होते हैं, जिसमें बर्तन को फिट किया जा सकता है।

वॉशिंग साइकिल्स
आमतौर पर डिशवॉशर में लाइट, नॉर्मल और हैवी साइकिल के विकल्प होते हैं। आधुनिक डिशवॉशर में क्विक और एक्सप्रेस साइकिल जैसे फीचर भी आने लगे हैं। डिशवॉशर में पोर्ट्स ऐंड पैन्स, इको साइकिल, ग्लास, स्टीमवेयर, क्विक वॉश, पोर्ट्स स्क्रब, सैनिटाइज वॉश, स्टीम क्लीनिंग, स्मार्ट वॉश, चाइना साइकिल, सेमी वॉश व एंटी बैक्टीरियल साइकिल, रिन्स साइकिल जैसे ऑप्शंस भी आते हैं। हालांकि जितना स्मार्ट डिशवॉशर (smart Dishwasher) खरीदेंगे, उसकी कीमत भी बढ़ती चली जाएगी। इसलिए अपनी जरूरत के हिसाब से ही खरीदें।

डिशवॉशर का लुक
डिशवॉशर आपके किचन की सुंदरता को भी बढ़ा सकता है। यह व्हाइट, ब्लैक, स्टेनलेस स्टील आदि में आता है। डिशवॉशर के अंदर ट्यूब प्लास्टिक और स्टील के होते हैं। कौन-सा लेना है इसका चुनाव आपको करना है। कुछ में बटन डिशवॉशर के अंदर ही होता है। कुछ में विंडो होता है, जिससे आपको पता चल जाएगा कि बर्तन ठीक से साफ हुआ है या नहीं। वैसे, स्टेनलेस इंटीरियर वाले डिशवॉशर देखने में ज्यादा खूबसूरत लगते हैं, लेकिन ये वॉशिंग परफॉर्मेंस को इंप्रूव नहीं करते हैं। यह केवल स्टाइल के लिए होता है। हालांकि यह ज्यादा टिकाऊ होता है।

परफॉर्मेंस
डिशवॉशर खरीदते समय परफॉर्मेंस फीचर को नजरअंदाज न करें। थ्री-टीयर सिस्टम में अच्छी सफाई मिलती है, अगर इससे अधिक लेवल्स हैं, तो और बेहतर सफाई मिलेगी, लेकिन इसके साथ कीमत भी बढ़ती चली जाएगी। डिशवॉशर डिटरजेंट और रिन्स एजेंट डिसपेंसर स्टैंडर्ड फीचर होते हैं। इलेक्ट्रॉनिक डर्ट सेंसर भी अच्छा फीचर है। लेटेस्ट डिशवॉशर में स्वाइल सेंसर भी होता है, जिसमें स्वाइल लेवल के हिसाब से सेंसर को एजडस्ट कर सकते हैं। आजकल स्मार्ट डिशवॉशर में वाई-फाई कनेक्टिविटी, स्मार्ट वॉश साइकिल, जिसमें स्मार्टफोन के जरिए परफॉर्मेंस मॉनीटर करने के साथ साइकिल स्टेटस को चेक कर सकते हैं। इसके अलावा, हार्ड फूड डिस्पोजल भी जरूरी है। इसके लिए कुछ डिशवॉशर में सेल्फ क्लीनिंग फिल्टर्स आते हैं, जबकि कई में मैनुअली फिल्टर को निकालकर साफ करना होता है। इसका ध्यान रखना चाहिए। अगर घर में छोटे बच्चे हैं, तो फिर चाइल्ड सेफ्टी फीचर भी जरूरी है।

एनर्जी सेविंग
जब डिशवॉशर खरीदने जाएं, तो ध्यान रखें कि यह कितनी एनर्जी और पानी की खपत करेगा। एनर्जी एफिशियंसी (energy efficiency) वाले डिशवॉशर की खरीदारी से बिजली का बिल बचा सकते हैं। एक स्टैंडर्ड डिशवॉशर एक साल में करीब 355 किलोवाट (ऑवर) से अधिक बिजली की खपत नहीं करता है। प्रति साइकिल 6.5 गैलन पानी की खपत होती है। खरीदारी के समय देख लें कि डिशवॉशर को कितना एनर्जी स्टार मिला है। इसके अलावा, कुछ डिशवॉशर में कम पानी की खपत वाला फीचर या फिर क्विक वॉश ऑप्शन के साथ भी आते हैं।

क्या धोना चाहिए और क्या नहीं
डिशवॉशर की मदद से किस तरह के बर्तन की सफाई कर सकते हैं, यह आपको पता होना चाहिए। आमतौर पर इसमें एल्युमिनियम या किसी भी मेटल के बर्तन नहीं धोने चाहिए, जैसे- एल्युमिनियम की कढ़ाई, कुकर आदि। इसके अलावा, लोहे का तवा, चिमटा और कॉपर के बर्तन मशीन में धोने से बचना चाहिए। कुकर और गहरे बर्तन जैसे थाली के हर कोने तक पानी और लिक्विड सोप हो सकता है न पहुंचे। इससे बर्तन की अच्छी सफाई नहीं हो पाती है। इसमें स्टील, कांच, बोन चाइना, प्लास्टिक आदि के बर्तन अच्छे से साफ हो जाते हैं।