Privacy के लिहाज से काफी सिक्योर हैं ये Email Service, जानें क्यों है Gmail से बेहतर…

Protonmail

कई बार आपके मन में भी यह सवाल उठता होगा कि जब जीमेल (Gmail)और याहू (Yahoo) जैसी सर्विस फ्री है, तो फिर पेड ईमेल सर्विस की आखिर जरूरत क्या है? लेकिन आपको यह भी समझना होगा कि प्राइवेसी कभी फ्री में नहीं मिलती है। यहां तक कि आपको लगता होगा कि गूगल की जीमेल सर्विस फ्री है, लेकिन आपको मालूम होनी चाहिए कि भले ही जीमेल को आप कैश (Cash) में पे (Pay) नहीं कर रहे हैं, लेकिन उसके पास आपकी सबसे कीमती पर्सनल डाटा (personal data) है। ऐसे में कुछ पैसे लगाकर अगर आपकी प्राइवेसी (privacy) पूरी तरह से सुरक्षित रहती है, तो यह ज्यादा जरूरी है।

Tutanota (टुटानोटा)
टुटानोटा ईमेल सर्विस (Tutanota Email Service) को जर्मन कंपनी टुटाओ जीएमबीएच द्वारा वर्ष 2011 में लॉन्च किया गया था। यह नाम लेटिन शब्दों से लिया गया है, जिसमें टुटा का मतलब सिक्योर और नोटा का अर्थ मैसेजेज होता है। जर्मन कंपनी होने की वजह से इस पर भी यूरोपियन यूनियन की मजबूत डाटा प्राइवेसी से नियम लागू होते हैं। यह इनक्रिप्टेड ईमेल (encrypted email) सर्विस है, जो फ्री और प्रीमियन दोनों वर्जन में मौजूद है।

  • यह प्राइवेसी-फोकस्ड ईमेल सर्विस है। यहां पर ईमेल की प्राइवेसी के लिए एंड-टु-एंड इनक्रिप्शन (end to end encryption) की सुविधा दी गई है। अगर आप यहां से जीमेल या अन्य ईमेल अकाउंट पर मैसेज भेजते हैं, तो यह टेम्पररी एकाउंट से लिंक भेजता है, जहां ईमेल प्राप्तकर्ता मैसेज को देख सकते हैं।
  • यह ओपन सोर्स भी है और इसके कोड टुटानोटा जिटहब पेज (https://github.com/tutao/tutanota) पर उपलब्ध है। यहां पर इनबॉक्स में स्टोर होने वाले सभी डाटा इनक्रिप्टेड होते हैं, केवल मेटाडाटा जैसे कि सेंडर, रेसिपियंट और डेट ही विजिवल होते हैं।
  • कंपनी इसके लिए 2048-बिट आरएसए और 128 बिट एइएस इनक्रिप्शन मेथड का इस्तेमाल करती है। कंपनी की प्राइवेसी पॉलिसी के मुताबिक, वे केवल मेल सर्वर लॉग्स को कलेक्ट करते हैं, जो केवल सात दिन के लिए कलेक्ट किया जाता है।
  • यह केवल सेंडर और रेसिपिएंट के ईमेल एड्रेस को रखना है न कि कस्टमर के आइपी एड्रेस को। यहां पर फ्री में एकाउंट खोला जा सकता है और इसमें केवल 1GB स्टोरेज की सुविधा में मिलती है। यह एंड्रॉयड (Android), आईओएस (ios), विंडोज, मैकओएस को सपोर्ट करता है।

Protonmail (प्रोटॉनमेल)
इस ईमेल सर्विस को 2013 में लॉन्च किया, जिसे सर्न के रिसर्चर्स ने डेवलप किया है। यह एंड-टु-एंड इनक्रिप्शन (end to end encryption) वाली ईमेल सर्विस है। इसका मतलब है कि मैसेज को केवल आप या फिर रेसिपिएंट ही देख सकते हैं। इसके सबसे बेहतरीन प्राइवेट ईमेल सर्विसेज में से एक माना जाता है। यह फ्री और प्रीमियम दोनों ही वर्जन में उपलब्ध है।

  • इसे बेहद सिक्योर ईमेल सर्विस (secure email service) माना जाता है। यहां पर अकाउंट ओपन करने के लिए पर्सनल डाटा (personal data)की जरूरत नहीं होती है। यहां तक कि आईपी एड्रेस (IP address) की भी जरूरत नहीं होती है, जिससे आमतौर पर यूजर की लोकेशन को ट्रैक किया जाता है।
  • यह ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर है, जिसमें एसएसएल, एइएस, आरएसए और ओपनपीजीपी इनक्रिप्शन तकनीक (encryption technology) का इस्तेमाल किया गया है। यूजर एक प्रोटॉनमेल से दूसरे प्रोटोनमेल पर ईमेल भेजते हैं, तो यह एंड-टु-एंड इनक्रिप्टेड (end to end encryption) होता है।
  • अगर आप दूसरे ईमेल सर्विस (Email Service) जैसे कि जीमेल पर भेजते हैं, तो फिर प्रोटोनमेल इन ईमेल को पहले स्कैन करता है। हालांकि सिक्योर मेल सर्विस की एक बड़ी समस्या यह होती है कि यह इस्तेमाल करने में कम सुविधाजनक होते हैं। लेकिन इसके साथ ऐसा नहीं है।
  • यहां पर थर्ड पार्टी यूजर को ईमेल भेजने के कई ऑप्शन मौजूद है। यहां पर यूजर को नॉर्मल और अनइनक्रिप्टेड मैसेज भी भेजे जा सकते हैं। इसमें एक खास फीचर है, जहां protonmail.com (@protonmail.com) की बजाय pm.me( @pm.me ) में ईमेल क्रिएट कर सकते हैं।
  • अगर आप इसके फ्री अंकाउंट का इस्तेमाल करते हैं, तो इसमें 500 MB स्टोरेज और 150 मैसेज की सुविधा मिलती है। जबकि पेड वर्जन में मल्टीपल फोल्डर सपोर्ट, ऑटोरिस्पॉन्स फीचर, वीपीएन आदि जैसी सर्विस का फायदा मिल सकता है। यह एंड्रॉयड (Android), आईओएस (IOS) और वेब (Web) को सपोर्ट करता है।