आनंद ग्रुप और मैंडो कॉर्प अब मिलकर करेंगे इलेक्ट्रिक मोटर पार्ट्स का निर्माण, जानें बड़ी बातें

आनंद ग्रुप और मांडो कॉर्पोरेशन उभरते 2 और 3 व्हीलर इलेक्ट्रिक वाहन बाज़ार में मोटर और कंट्रोलर की आपूर्ति के लिए तैयार हो गए हैं। इन दो कंपनियों की पहली साझेदारी 1997 में हुई, जब उन्होंने अत्याधुनिक ब्रेक सिस्टम के निर्माण के लिए मांडो ऑटोमोटिव इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एमएआईपीएल) की स्थापना की।  2012 में आनंद ग्रुप द्वारा मांडो स्टीयरिंग सिस्टम्स इंडिया लिमिटेड में हिस्सेदारी हासिल करने के बाद उनके संबंध और भी मज़बूत हो गए। समय के साथ उनकी साझेदारी लगातार विकसित और मज़बूत होती आ रही है।

2 और 3 व्हीलर पावरट्रेन विद्युतीकरण में उभरते अवसरों का लाभ उठाने के लिए, दोनों कंपनियों ने जाना कि भारत में पुर्ज़ों और प्रणालियों के बाजार में प्रवेश करने का यह सही समय है। उन्होंने 2 और 3 पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के (ईवी) पुर्ज़ों और प्रणालियों के निर्माण और विपणन के लिए भारत में अपना दूसरा संयुक्त उद्यम, आनंद मांडो ईमोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड स्थापित करने के लिए ऑटो कंपोनेंट उद्योग में अपने मौजूदा तालमेल, संबंधित क्षमताओं और लंबे अनुभव का लाभ उठाने का फैसला किया है। नई साझेदारी कंपनी मांडो की इंजीनियरिंग क्षमता का उपयोग करते हुए तकनीकी रूप से उन्नत उत्पाद प्रदान करेगी। आनंद ग्रुप के पास संयुक्त उद्यम में 60 फीसदी  की बहुलांश हिस्सेदारी होगी, और मांडो कॉर्पोरेशन की 40 फीसदी  हिस्सेदारी होगी।

ऑटोमोटिव विद्युतीकरण भारत सरकार के लिए एक राष्ट्रीय स्तर की प्राथमिकता है। सरकार ने आने वाले वर्षों में 2 और 3 पहिया वाहनों के विद्युतीकरण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इस संबंध में, फेम II (भारत में इलेक्ट्रिक वाहन को तेजी से अपनाने और उनके विनिर्माण की योजना) के तहत विभिन्न प्रोत्साहनों के माध्यम से दोपहिया, तिपहिया और बसों के विद्युतीकरण पर विशेष ज़ोर दिया जा रहा है।

स्वच्छ और टिकाऊ वातावरण के निर्माण के लिए आनंद ग्रुप और मांडो कॉर्पोरेशन की प्रतिबद्धता के अनुसार यह साझेदारी की गयी है। यह लगभग 60,000 वर्ग फुट के क्षेत्र में बनाया जाएगा, जिसमें भविष्य में विस्तार की गुंजाइश भी होगी और इसमें लगभग 350-450 लोगों को रोज़गार मिलेगा। 3 साल की अवधि में उत्पाद इंजीनियरिंग और परीक्षण और निर्माण उपकरण के क्षेत्रों में 50 करोड़ रुपये से अधिक के पूंजी निवेश की योजना है।

भारत की अलग-अलग प्रकार की और जटिल ड्राइविंग स्थितियों को मद्देनज़र रखते हुए, धीमी गति वाले स्कूटर से लेकर तेज़ मोटरबाइक और यात्री सवारी ले जाने वाले ऑटो रिक्शा से लेकर सामान ले जाने वाले तीन पहिया गाड़ियों तक सभी गाड़ियों के लिए समाधानों की पूर्ति करना आनंद मांडो ईमोबिलिटी का लक्ष्य है।  2 और 3 पहिया गाड़ियों के बाज़ार के लिए यह कंपनी मोटर और कंट्रोलर की मैच्ड जोड़ी के रूप में एक मजबूत, विश्वसनीय और कुशल पावरट्रेन के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करेगी।

इन कंपनियों की चपलता और व्यवसाय के विकास की गति उल्लेखनीय है – मांडो कोरिया में अवधारणा के प्रमाण से लेकर भारत में उत्पाद लॉन्च तक, डिज़ाइन, विकास, सत्यापन, कारखाने की स्थापना और उत्पादन की शुरुआत के चरणों तक सब काम कम से कम 9 महीने की अवधि में किए गए। अवधारणा से विनिर्माण की शुरुआत तक के सफर में उत्कृष्टता उनका केंद्रबिंदु रहा है, जिसके परिणामस्वरूप विश्व स्तरीय उत्पादन सुविधा का निर्माण हुआ है।

आनंद मांडो ईमोबिलिटी ने 2025 तक 500 करोड़ रुपये के कारोबार का लक्ष्य निर्धारित किया है। अक्टूबर 2021 तक दो प्रमुख 2-व्हीलर ईवी ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (ओईएम) के लिए लॉन्च होने के लिए हब मोटर तैयार होगी। सेंटर/मिड-ड्राइव मोटर के साथ 2022 के मध्य तक प्रोडक्ट लॉन्चेस जारी रहेंगे और उसके बाद कई वैरिएंट्स आते रहेंगे।