अब टायर खुद बताएगा कि मुझे कब बदलना है, दुर्घटनाओं पर लगेगी लगाम

भारत की प्रमुख टायर निर्माता कंपनी CEAT ने नई टेक्नोलॉजी वाले टायर्स को लॉन्च किया है जिसकी मदद से टायर अब खुद ही आपको बता देंगा कि उसे कब बदलना है। कंपनी ने  कलर ट्रेड वियर इंडिकेटर टायर्स को मार्केट में उतारा है, इस तरह का यह टायर इंडस्ट्री में पहला प्रोडक्ट भी है, कंपनी का दावा है कि  नए टायर्स यूजर्स की सेफ्टी को बढ़ाता है क्योंकि यह यूजर्स को टायर बदलने का समय होने पर संकेत देता है।

टायर के चलने वाले हिस्से में एक पीले रंग की पट्टी लगी होती है, जो नए टायर में दिखाई नहीं देती है। समय के साथ, जैसे-जैसे टायर घिसता है, यह पीली पट्टी दिखाई देने लगती है, यह दर्शाता है कि टायर बदलने का समय आ गया इस तकनीक की विशेषता ये है कि यह स्पष्ट करता है कि टायर अपनी लाइफ साइकिल पूरी कर चुका है और अब इसे बदलने की जरूरत है। इस प्रकार टायर की पकड़ के अभाव के कारण होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है। यानी आसान भाषा में कहें तो टायर को कब बदलना है इस बात का संकेत टायर खुद देगा।ये टायर टोयोटा इनोवा के लिए 205/65 R15 Milaze X3 और Innova Crysta के लिए 205/65 R16 Milaze X3 सहित दो आकारों में उपलब्ध है। यह भी पढ़ें: iVOOMi ने लॉन्च किए दो शानदार Electric Scooters, 130 km तक रेंज का दावा

कलर TWI टेक्नोलॉजी के बारे में बात करते हुए, CEAT टायर्स लिमिटेड के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर, अंकुर कुमार ने कहा, “CEAT अपने ग्राहकों के लिए हर रोज ‘मोबिलिटी को सुरक्षित और स्मार्ट बनाने’ के अपने उद्देश्य के साथ गूंजता रहता है। उपभोक्ता अंतर्दृष्टि अध्ययनों से पता चला है कि अधिकांश उपयोगकर्ताओं को पता नहीं है कि टायर कब बदलना है। घिसे-पिटे टायर चलाना उनके लिए और सड़कों पर चलने वाले सभी लोगों के लिए असुरक्षित हो सकता है। हम अपने ग्राहकों को सुरक्षा के लिए टायर बदलने के समय के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से कलर ट्रेड वियर इंडिकेटर तकनीक के साथ एक अभिनव उत्पाद लेकर आए हैं।”

इस तरह के टायर्स के आने से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इससे दुर्घटनाओं पर लगाम लगने में मदद मिलेगी। हर टायर की अपनी एक लाइफ होती है उसके बाद उसे बदल लेना ही चाहिए, जबकि लोग अपने वाहनों में पुराने और घिसे हुए टायर्स को लम्बे समय तक यूज़ करते रहते हैं। टायर के पुराने होने से रोड पर इसकी ग्रिप काफी हद तक कम हो जाती है, और हाई स्पीड में ब्रेक लगाने पर वाहन के फिसलने का डर सबसे ज्यादा रहता है,साथ ही ऐसे टायर्स पंचर भी बहुत जल्दी हो जाते हैं। इसलिए CEAT के टायर्स काफी हद तक सेफ्टी करेंगे और पुराने होने पर इंडिकेट कर देंगे कि उन्हें बदलने का समय अब आ गया है।

उम्मीद जताई जा रही है कि इस तरह के टायर्स दूसरे ब्रांड्स भी मार्केट में लेकर आयें ताकि जायद से ज्यादा यूजर्स इस टेक्नोलॉजी का लाभ उठा सकें। वैसे अगर ये टायर्स सभी तरह के वाहनों में आने लग जायें तो वाहन मालिकों की सुरक्षा के लिहाज से यह उचित कदम होगा ।