181KM रेंज वाले Electric Scooter में लगी आग, अगर आपके पास भी है तो इन बातों का रखें खास ध्यान

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इंडिया में सबसे ज्यादा पॉपुलर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर (Ola Electric Scooter) में आग लगने की एक डरा देने वाली घटना सामने आई है। दरअसल, पिछले शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में ओला एस1 प्रो (Ola S1 pro) धूं-धूं कर जलता दिखाई दे रहा है। वायरल वीडियो को लेकर बताया जा रहा है कि यह घटना पुणे के लोहेगांव इलाके की है। वहीं, घटना के सामने आने के कुछ देर बाद ओला इलेक्ट्रिक ने भी Electric Scooter में आग लगने की घटना की जांच शुरू कर दी है। लेकिन, इस बीत फिर एक बार लोगों के मन में इलेक्ट्रिक स्कूटर की सुरक्षा संबंधी सवाल खड़े कर दिए हैं। आइए आगे जानते हैं कि आखिर कैसे लगी ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग और अगर आपके पास इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर है तो किन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए।

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OLA S1 Electric Scooter

बता दें कि शनिवार को इलेक्ट्रिक स्कूटर S1 Pro में आग लगने का वीडियो वायरल हुआ। यह वीडियो पुणे का बताया गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक स्कूटर सड़क किनारे खड़ा है और अचानक से स्कूटर से भारी धुंआ निकलते ही आग लग जाती है। हालांकि, इस दौरान एक गनीमत यह रही कि आग लगने के दौरान स्कूटर के आसपास कोई मौजूद नहीं था।

क्या है OLA कंपनी का कहना

ओला कंपनी ने इस मामले पर अपना बयान जारी किया है, जिसमें कहा है कि, हम पुणे में हुए मामले के बारे में जानते हैं, असल कारण को समझने के लिए जांच कर रहे हैं। कारण पता लगने पर सभी को अपडेट किया जाएगा। हम उस ग्राहक के लगातार संपर्क में बने हुए हैं, वह बिल्कुल ठीक है। ओला वाहन की सुरक्षा पर पूरा ध्यान देती है। साथ ही कंपनी इस मामले पर उचित कार्रवाई करने पर जोर दे रही है।

क्यों लगती है इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग, क्या है इस मामले का सच

जब भी किसी इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगती है तो ज्यादातर इसके पीछे का कारण इनमें मौजूद बैटरी से जुड़ा होता है। जानकारों की मानें तो बताया जाता है कि इलेक्ट्रिक स्कूटरों में लगी लिथियम आयन बैटरियों की खराब गुणवत्ता या फिर बैटरी मैनेजमेंट में गड़बड़ी के चलते आग लगने के मामले सामने आते हैं। मौजूदा समय में EV बनाने वाली कंपनियां दक्षिण कोरिया, ताइवान, चीन और जापान जैसे देशों से बैटरी लेकर EV गाड़ियों का निर्माण कर रही हैं। ओला कंपनी द्वारा भी कोरिया की एलजी चेम कंपनी से लिथियम-आयन सेल खरीदे जाते हैं। अब मुद्दा यह है कि आखिर इन बैटरी में आग कैसे लग जाती है, इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण यह है कि गाड़ी में लगी बैटरी टूट जाती है या फिर उन में शॉर्ट सर्किट हो जाता है। खराब रिएक्शन के चलते लगी आग को बुझाना भी मुश्किल हो जाता है। इसके साथ ही जलती हुई बैटरी पानी के साथ मिलने पर हाइड्रोजन गैस और लिथियम-हाइड्रॉक्साइड बनाने लगती हैं। यह काफी घातक हो जाता है और इससे आग पर काबू पाना और मुश्किल हो जाता है। यह तो इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने की आम बात हुई, लेकिन पुणे में हुए मामले को लेकर अभी पता नहीं चल पाया है की आग लगने का असल मुद्दा क्या था।

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आप क्या सावधानी रखें

अगर आप भी इलेक्ट्रिक स्कूटर या कार का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको चार्ज करते वक्त काफी ध्यान रखना चाहिए। चार्ज के नियमों का पालन करना आपको दुर्घटनाओं से बचा सकता है। गाड़ी को चार्ज करने के लिए जिस जरूरी सॉकेट की जरूरत होती है, उसी का इस्तेमाल करें, साथ ही वोल्टेज कैपेसिटी पर भी ध्यान दें। गाड़ी को धुप में चार्ज करने से बचें।
साथ ही अगर आपको रात को बैटरी चार्ज करने की आदत है, तो इसे बदलें, रातभर चार्ज करते वक़्त टेंपरेचर बढ़ने पर आग लग सकती है। जिसका आपको पता भी नहीं चलता। बैटरी को हमेशा ऐसे समय पर चार्ज करें जब आप टेंपरेचर नापने के लिए समय निकल सके। टेंपरेचर बढ़ने पर चार्जिंग को तुरंत रोक देना सही माना जाता है। उम्मीद करते हैं कि आप इन सभी नियमों का पालन करके दुर्घटनाओं से बचेंगे।


अंकित ने पत्रकारिता की शुरुआत स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट के रूप में की थी लेकिन तकनीकी के प्रति विशेष रुझान इन्हें Mysmartprice हिंदी में लेकर आया है। पत्रकारिता के दौरान इन्होंने एक चीज बखूबी सीखा है और वह है आसान भाषा में लोगों को सटीक जानकारी देना। और यही खूबी इन्हें दूसरों से अलग बनाती है। यहां अंकित मोबाइल और तकनीक के साथ ऑटोमोबाइल्स सेग्मेंट को भी कवर करते हैं। पत्रकारिता में इन्हें 5 साल से ज्यादा का अनुभव है जहां इन्होंने राज एक्सप्रेस, थिंक विथ नीश, स्टेट न्यूज और बंसल न्यूज जैसे आर्गेनाइजेशन में अपना योगदान दिया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्यूनिकेशन से मास्टर डिग्री ली है। साथ ही टाइम्स ग्रुप से बैंकिंग मैनेजमेंट में डिप्लोमा भी किया है।