भारत में नहीं बनेगी Ford की इलेक्ट्रिक कारें, कंपनी ने लिया फैसला

Ford Electric car
Ford Electric car

कार निर्माता Ford अब भारत में इलेक्ट्रिक कारों का निर्माण नहीं करेगी। कंपनी ने इससे पहले अपने इलेक्ट्रिक वाहनों को बनाने के लिए भारत सरकार के पास पीएलआई योजना के तहत आवेदन किया था, लेकिन अब कंपनी ने फैसला किया है कि, वे भारत में इलेक्ट्रॉनिक कारों का निर्माण नहीं करेगी। पीएलआई योजना के तहत फोर्ड कंपनी को निर्यात और घरेलू बाजारों के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण की सुविधा दी जा रही थी। अब कंपनी ने अपना फैसला बदल लिया है। मीडिया में चल रही रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी ने यह फैसला सावधानीपूर्वक लिया है। आइये, आपको इस पोस्ट में फोर्ड के इस फैसले के बारे में विस्तार से बताते हैं।

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रिपोर्ट में सामने आया है कि कंपनी किसी भी भारतीय कामकाज में शामिल नहीं होना चाहती है। यहां तक कि इलेक्ट्रिक कारों के निर्माण को भी आगे बढ़ाने की इच्छुक नहीं है। इसके साथ ही कंपनी ने भारतीय सरकार के अब तक के समाधान और समर्थन के लिए उनका शुक्रिया अदा किया है।

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पिछले साल हुआ था फोर्ड का काम बंद

फोर्ड कंपनी ने भारत में वाहनों का निर्माण पिछले साल ही बंद कर दिया था। कंपनी ने साल 2021 सितम्बर में भारत में अपने प्लांट्स में बन रही गाड़ियों का निर्माण बंद कर दिया था। इसके साथ ही फिलहाल कंपनी भारत से निर्यात होने वाले इंजन बनाने वाले प्लांट्स को भी बंद करने वाली है। कंपनी ने कारों के निर्माण को बंद करने की घोषणा के साथ-साथ भारत में कारों के निर्यात की बात कही थी। कंपनी का कहना था कि वह अन्य किसी देशों में अपने प्लांट की मदद से कारों का निर्माण कर भारत में भेजा करेगी।

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इसके अलावा फोर्ड कंपनी ने टाटा मोटर्स और हुंडई के साथ देश में अपनी मौजूदा यूनिट्स को बचाने की भी कोशिश की थी। कंपनी अपने कुछ प्लांट को इन कंपनियों को बेचना चाहती थी। टाटा मोटर्स ने साणंद प्लांट को खरीदने की इच्छा भी जताई थी।
जानकारी के लिए बता दें कि फोर्ड मोटर्स ने 4500 करोड़ रुपए के निवेश से साणंद प्लांट को खड़ा किया है। फोर्ड कंपनी के इस प्लांट में हर वर्ष 2.5 लाख से ज्यादा इंजन बनाए जाते थे।


अंकित ने पत्रकारिता की शुरुआत स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट के रूप में की थी लेकिन तकनीकी के प्रति विशेष रुझान इन्हें Mysmartprice हिंदी में लेकर आया है। पत्रकारिता के दौरान इन्होंने एक चीज बखूबी सीखा है और वह है आसान भाषा में लोगों को सटीक जानकारी देना। और यही खूबी इन्हें दूसरों से अलग बनाती है। यहां अंकित मोबाइल और तकनीक के साथ ऑटोमोबाइल्स सेग्मेंट को भी कवर करते हैं। पत्रकारिता में इन्हें 5 साल से ज्यादा का अनुभव है जहां इन्होंने राज एक्सप्रेस, थिंक विथ नीश, स्टेट न्यूज और बंसल न्यूज जैसे आर्गेनाइजेशन में अपना योगदान दिया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्यूनिकेशन से मास्टर डिग्री ली है। साथ ही टाइम्स ग्रुप से बैंकिंग मैनेजमेंट में डिप्लोमा भी किया है।