इन बड़ी हस्तियों ने छोड़ा व्हाट्सएप, धड़ाधड़ डाउनलोड हो रहे हैं सिग्नल और टेलीग्राम

फेमस चैटिंग एप व्हाट्सएप ने कभी नहीं सोचा होगा कि उसके एक फैसले से यूजर्स इतने नाराज हो जाएंगे कि अपने फोन से व्हाट्सएप डिलीट करना शुरू कर देंगे। आखिर यूजर्स नाराज क्यों न हों क्योंकि उनकी प्राइवेसी और डाटा से जुड़ा मामला है। आम आदमी को अपने प्राइवेसी की ज्यादा चिंता भले न हो लेकिन बड़े पदों पर बैठे लोग अपनी प्राइवेसी और डाटा को लेकर काफी चौकन्ने रहते हैं। यही वजह है कि महिंद्रा, पेटीएम, टाटा जैसी बड़ी कंपनियों के बड़े पदों पर बैठे लोग भी व्हाट्सएप से दूरी बना लिए हैं और अपने फोन से व्हाट्सएप एप को डिलीट कर चुके हैं। चलिए आपको बताते हैं कि अब तक किन बड़ी हस्तियों और कंपनियों ने अब तक व्हाट्सएप को अलविदा बोल दिया है…

महिंद्रा
महिंद्रा (Mahindra) ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने व्हाट्सएप को छोड़ दिया है। आनंद महिंद्रा ने एक ट्वीट के जरिए जानकारी दी है कि उन्होंने व्हाट्सएप का इस्तेमाल बंद कर दिया है और अब वो सिग्नल एप यूज कर रहे हैं।

फोनपे
फोर्ब्स इंडिया में छपे एक रिपोर्ट के मुताबिक ऑनलाइन लेन-देन वाले पेमेंट एप फोनपे (PhonePe) के सीईओ समेत कंपनी के 1000 से ज्यादा कर्मचारियों ने अपने मोबाइल से व्हाट्सएप हटा दिया है। अब ये कर्मचारी अपने सभी कार्यों के लिए सिग्नल (Signal) एप का इस्तेमाल कर रहे हैं। कंपनी के सीईओ समीर निगम (PhonePe CEO Sameer Nigam) ने ट्वीट करके इस बात की जानकारी दी है।

टाटा ग्रुप के एन चंद्रशेखरन
टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक टाटा (TATA) ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन अब व्हाट्सएप छोड़कर सिग्नल एप इस्तेमाल करने लगे हैं। इसके अलावा भी टाटा कंपनी के कई बड़े अधिकारी अब व्हाट्एप छोड़ चुके हैं।

पेटीएम
डीएनए वेबसाइट ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया है कि ऑनलाइन पेमेंट एप पेटीएम (PayTm) के सीईओ विजय शेखर शर्मा ने भी अपनी टीम को बातचीत के लिए व्हाट्सएप से दूर रहने के लिए कहा है।

एलन मस्क का प्रभाव
दुनिया के अमीर व्यक्तियों में से एक एलन मस्क (Elon Musk) ने व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी आने के बाद लोगों से अपील की थी कि व्हाट्सएप की प्राइवेसी पॉलिसी से परेशान लोग चैटिंग के लिए सिग्नल एप का इस्तेमाल करें। उन्होंने खुद भी सिग्नल का इस्तेमाल शुरू कर दिया है और उसे सुरक्षित एप बताया है।

एलन मस्क के अलावा कई जानकार और हैकर्स भी सिग्नल को सुरक्षित एप बता चुके हैं। अब जब इतने बड़े लेवल पर लोगों ने व्हाट्सएप से दूरी बनाना शुरू कर दिया तो कंपनी अब प्राइवेसी मामले में सफाई दे रही है। जबकि पहले व्हाट्सएप ने जब अपनी नई प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर ऐलान किया था तब उसने धमकी भरे अंदाज में कहा था कि सभी को उसकी नई प्राइवेसी पॉलिसी को स्वीकार करना होगा नहीं तो उनका अकाउंट बंद कर दिया जाएगा। व्हाट्सएप ने यह भी कहा कि जिसे उसकी प्राइवेसी पॉलिसी स्वीकार नहीं है वह अपना व्हाट्सएप अकाउंट डिलीट कर सकता है।

इस नई पॉलिसी के जारी होने के हफ्ते भर के भीतर भारत में व्हाट्सएप के डाउनलोड्स में 35 फीसदी की कमी देखी गई। व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी से नाराज लोग सिग्नल (Signal) और टेलीग्राम (Telegram) एप को डाउनलोड कर रहे हैं।

व्हाट्सएप पर कई बार फेक न्यूज फैलाने, झूठी और भ्रामक चीजों के प्रचार के आरोप भी लगते रहे हैं लेकिन तब भी लोगों ने उसे डिलीट नहीं किया। यहां तक की कई बार तो व्हाट्सएप के मैसेज से दंगे भड़के और कुछ जगहों पर व्हाट्सएप के जरिए फैलाई गई झूठी खबरों से लोगों की जान तक चली गई। लेकिन अब लोगों के खुद के डाटा के लीक होने और दूसरी जगहों पर उस डाटा का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी आई तब लोग तेजी से व्हाट्सएप डिलीट कर रहे हैं।