Apple के लिए आईफोन बनाने वाली कंपनी फॉक्सकॉन ने Electric Vehicles से उठाया पर्दा, क्यों खास है यह गाड़ी

foxconn electric vehicle

Electric vehicles केवल पारंपरिक ऑटो कंपनियों के लिए एकमात्र डोमेन क्षेत्र नहीं हैं। इस फील्ड में कई नए खिलाड़ियों ने भी एंट्री की है, जो ग्राहक का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। दुनिया भर में कई ऐसे स्टार्टअप हैं, जिन्होंने दशकों पुराने ऑटो ब्रांडों (auto brands) के लिए एक चुनौती खड़ी कर दी है। इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में कुछ सबसे formidable players भी प्रवेश कर रहे हैं। इसमें लेटेस्ट फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी ग्रुप (Foxconn Technology Group) है, जिसने को इलेक्ट्रिक वाहनों की अपनी सीरीज का अनावरण किया।

Foxconn की इलेक्ट्रिक व्हीकल

ताइवान की फॉक्सकॉन आईफोन की दुनिया की सबसे बड़ी असेंबलर है और ग्लोबल कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स स्पेस में काफी मशहूर है। लेकिन इलेक्ट्रिक वाहनों (electric vehicles) की दुनिया में इसके प्रवेश को एक स्पष्ट विस्तारवादी कदम के रूप में देखा जा रहा है।

कंपनी ने हाल ही में एक एसयूवी (SUV) और एक सेडान मॉडल (sedan model) से पर्दा उठाया है, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि वह अपने ब्रांड के तहत ग्राहकों को बेचने के बजाय ऑटोमोटिव ग्राहकों के लिए निर्माण करने की योजना बना रही है। फॉक्सकॉन की प्रमुख इकाई, हाई प्रिसिजन इंडस्ट्री कंपनी के अध्यक्ष यंग लियू ने कहा, “हम अब शहर में नए बच्चे नहीं हैं।” “हमने धीरे-धीरे एक EV supply chain बनाई है और हमारे ईवी हार्डवेयर का प्रदर्शन किया है।”

EVs के क्षेत्र में यह कदम बहुत महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि फॉक्सकॉन अब संभवतः ऐपल इंक की गुप्त ऑटोमोटिव परियोजना के लिए एक बड़ा प्लेयर बन सकता है। जबकि इस परियोजना पर कड़ी निगरानी रखी गई है, यह कोई रहस्य नहीं है कि Apple पिछले कुछ समय से मोबिलिटी स्पेस पर नजर गड़ाए हुए है। Apple कार, जिसे अक्सर iCar के रूप में डब किया जाता है। यह अनुमान लगाया जाता है कि Apple के साथ अच्छे संबंधों के कारण Foxconn को एक फायदा हो सकता है।

हालांकि यूलॉन मोटर कंपनी फॉक्सकॉन के लिए पहली इलेक्ट्रिक-कार कस्टमर होगी। कंपनी के अधिकारियों ने सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में इसकी पुष्टि की। फॉक्सकॉन ने पिछले साल ही अपने ईवी प्लेटफॉर्म का प्रदर्शन कर दिया था, लेकिन अभी तक किसी भी इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री शुरू नहीं हुई है। एक बार ऐसा हो जाने के बाद उसके पास दुनिया भर के कुछ सबसे बड़े खिलाड़ियों जैसे टेस्ला, वोक्सवैगन और हुंडई से टक्कर लेना आसान नहीं होगा।