किसान आंदोलन ने बढ़ाई रिलायंस जियो की मुसीबत, बंद हुई MNP सर्विस तो RTI से मांगा जवाब

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JIo Launches Calendar Month plan

केंद्र की मोदी सरकार द्वारा बनाए गए नए कृषि कानून को लेकर किसानों में तो भारी नाराजगी है और सरकार इस कानून को वापस ले इसके लिए किसान 1 महीने से ज्यादा समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन में अब तक कई किसानों की जान चली गई है। किसानों के मुताबिक यह नया कृषि कानून उनके लिए मुसीबत है लेकिन हम आपको बता दें कि इस कानून को लेकर किसान सरकार से तो नाराज हैं ही साथ ही किसानों का गुस्सा रिलायंस और जियो के प्रमुख मुकेश अंबानी और एक अन्य उद्योगपति अडानी के ऊपर भी है। सरकार अभी तक में किसानों के साथ 7 बैठक कर चुकी है लेकिन कोई भी हल नहीं निकाल पाई है। इसके बाद अब किसानों ने जियो के मोबाइल टावरों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है और साथ ही जियो के बहिष्कार की आवाज भी बुलंद कर रहे हैं।

किसान लगातार जियो के सिम को दूसरी कंपनी में पोर्ट करा रहे हैं और अपने जानने वालों को भी ऐसा करने के लिए कह रहे हैं। ऐसे में लाखों की संख्या में लोगों ने अपने नंबर जियो से बदलकर दूसरी कंपनियों में पोर्ट कराना शुरू कर दिया। अचानक से इतने ग्राहकों द्वारा जियो से दूरी बनाने के चलते उसकी मुश्किलें बढ़ गई हैं और अब खबर आ रही है कि जियो की मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (MNP) सर्विस भी बंद हो गई है। ट्विटर पर कई यूजर्स ने इसकी शिकायत भी की है। यूजर्स का कहना है कि किसानों ने जियो का बहिष्कार किया औऱ देश के अन्नदाता के समर्थन में भारी संख्या में लोग जियो की सर्विस से दूरी बना रहे हैं इसलिए जियो ने मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी पर रोक लगा दिया है।

रिलायंस जियो के कई यूजर्स जो जियो को छोड़ना चाहते हैं उन्होंने ट्विटर पर टेलीकॉम रेग्युलेटरी ऑफ इंडिया (TRAI) से रिलायंस जियो की शिकायत करते हुए टैग कर ट्वीट किया कि जियो ने MNP पर रोक लगा दी है जिसके कारण वे अपने नंबर को दूसरी कंपनी में पोर्ट नहीं करा पा रहे हैं। जो लोग जियो नंबर का इस्तेमाल कर रहे हैं और अब अपने नंबर को जियो के बदले किसी दूसरे कंपनी एयरटेल, वोडाफोन की सर्विस लेना चाहते हैं तो उसके लिए भेजे जाने वाले MNP मैसेज को भेज ही नहीं पा रहे हैं। कुछ लोगों के MNP मैसेज डिलीवर ही नहीं हो रहे हैं तो कईयों के मैसेज का कंपनी जवाब ही नहीं दे रही है।

किसानों को समर्थन देने और उनकी बात को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रखने के लिए एकता मार्च नाम के ट्विटर हैंडल से भी ट्वीट कर इस बात की शिकायत की गई है कि रिलायंस जियो ने एमएनपी सर्विस बंद कर दिया है जबकि ऐसा करना दूरसंचार विभाग द्वारा तय किए गए कानूनों और नियमों के खिलाफ है।

गुरप्रीत कौर नाम के एक यूजर ने ट्वीट करके कहा है, ‘मैं अपने जियो नंबर को एयरटेल में पोर्ट कराना चाह रहा हूं लेकिन नहीं हो पा रहा है। गुरप्रीत ने इन सभी मामलों को देखने वाली इकाई ट्राई (TRAI) से भी कहा कि कृपया आप इस मामले को देखें। गुरप्रीत ने लिखा वो बीते 3 दिनों से परेशान हैं लेकिन उनकी समस्या जस की तस बनी हुई है।’

अमान बाली नाम के एक यूजर ने ट्वीट करके कहा है कि उनकी टीम ने जियो से सूचना का अधिकार (RTI) के तहत जियो से MNP पर रोक लगाने को लेकर जवाब मांगा है। आरटीआई में पूछा गया है कि जियो के यूजर्स एमएनपी वाले मैसेज क्यों नहीं भेज पा रहे हैं और जो मैसेज भेजे गए हैं, कंपनी उनका जवाब क्यों नहीं दे रही है। यदि इस संबंध में कोई तकनीकी खामी है तो कंपनी उसके बारे में विस्तार से जानकारी दे, हालांकि जियो की तरफ से इस मामले में अभी तक कोई जवाब नहीं दिया गया और चुप्पी साध ली गई है।

किसान आंदोलन में सिंघू, टिकरी, गाजीपुर बॉर्डर पर बैठे किसानों के घर परिवार और गांव के जो लोग यहां शामिल नहीं हो सके हैं वो गांवों में रिलयांस जियो के टॉवरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं और अब तक लगभग 2000 टावरों की बिजली काट चुके हैं और उनमें नुकसान पहुंचा चुके हैं। इस पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी लोगों से ऐसा न करने की अपील कर चुके हैं।