WhatsApp की नहीं चलेगी मनमानी! अब मेड इन इंडिया मैसेजिंग ऐप ‘Sandes’ से लिखिए नई कहानी

प्राइवेसी पॉलिसी को ले कर पिछले दिनों जिस तरह से WhatsApp विवादों के घेरे में रहा, उसे देखते हुए आम Users काफी चिंतित नजर आ रहे थे. लेकिन, अब भारत ने मेड इन इंडिया मैसेजिंग ऐप Sandes के जरिए WhatsApp को बीते जमाने की बात बनाने के लिए कमर कस ली है. ‘Sandes’ ऐप का परीक्षण चल रहा है. इसकी टेस्टिंग अभी सरकारी अधिकारियों द्वारा की जा रही है और जल्द ही इसे आम Users के इस्तेमाल के लिए भी पेश कर दिया जाएगा.

Sandes ऐप आत्मनिर्भर भारत और मेड इन इंडिया का बेमिसाल उदाहरण होगा. भारत सरकार ने साल 2020 में ही इस ऐप को बनाने की बात कही थी. इस पर काम शुरु भी हो चुका है और फिलहाल इसकी Testing चल रही है. इस ऐप को बनाने की बात पिछले साल कही थी और फिलहाल ये टस्टिंग फेज़ में है, और लगभग तैयार हो चुकी है. आम Users भले अभी इसका इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन आप चाहे तो इसे gims.gov.in नाम के सरकारी पेज पर जा कर देख सकते हैं.

Sandes, किसी भी मैसेजिंग ऐप के मुकाबले काफी दिलचस्प और काम के फीचर्स से लैस है. मसलन, आप इसके जरिए वॉइस और डेटा जैसे फीचर्स का इस्तेमाल कर पाएंगे. यानी, फायदे सारे और WhatsApp की प्राइवेसी पॉलिसी मानने की चिंता से जो मुक्ति मिलेगी, वो अलग.

Sandes ऐप Android और iOS दोनों प्लैटफॉर्म पर उपलब्ध होगा.

WhatsApp का अलग-अलग रवैया

WhatsApp विवाद पर केंद्र सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय में जवाब दाखिल किया था कि वाट्सऐप द्वारा Privacy Policy को लेकर भारतीय और यूरोपीय यूज़र्स से अलग-अलग व्यवहार चिंता की बात है. ये नई प्राइवेसी पॉलिसी पहले 8 फरवरी से लागू होनी थी, जिसे बढ़ा कर 15 मई कर दिया गया है.


सत्यव्रत का मानना है कि टेक्नॉलजी का जितना इस्तेमाल करेंगे, उतना जानेंगे. इसी के चलते उन्होंने टेक जर्नलिस्ट बनने का फैसला लिया. सत्यव्रत ने अपने करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की थी, साल 2015 में वह ज़ी न्यूज़ से जुड़े. वह न केवल टेक को अच्छी तरह से समझते हैं बल्कि यह भी जानते हैं कि कौन सी स्टोरी पाठकों को ज्यादा पसंद आती हैं. अब सत्यव्रत Mysmartprice से जुड़े हैं. और यहां भी उनका मकसद हर रोज बदल रही टेक्नॉलजी की दुनिया की हर बारीकी को आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाना है.