Google Play Store से 50 से भी ज्यादा ऐप्स का हुआ सफाया, चेक करें कहीं आपके डिवाइस में तो नहीं हैं ये ऐप्स

क्लाउड सिक्योरिटी कंपनी की शिकायत पर Google ने 50 से भी ज्यादा एप्लीकेशंस को Google Play Store से हटा दिया है।

Google Play Store
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अगर आप स्मार्टफोन यूजर हैं, तो Google Play Store से एप्लीकेशंस डाउनलोड करने की आदत आपको भारी पड़ सकती है। दरअसल गूगल प्ले स्टोर पर कई ऐसी घातक एप्लीकेशंस मौजूद हैं, जिसकी वजह से आपका निजी डाटा, यहां तक कि आपके साथ बैंक फ्रॉड और आपको पैसों का भी चुने लगाया जा सकता है। हालांकि गूगल प्ले स्टोर पर Google सुरक्षा के कई इंतजाम करता है, लेकिन ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले हर दिन नए तरीके ढूंढ यूजर्स को सेंध लगाने की कोशिश करते रहते हैं। बता दें कि गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद कई एप्लीकेशंस पर Malware डाल दिया जाता है, जिसकी मदद से ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले मनी फ्रॉड और डाटा की चोरी करते हैं। इस तरह के कई मामले पूरी दुनिया में सामने आते रहे हैं। फिलहाल जो मामला सामने आया है उसमें क्लाउड सिक्योरिटी कंपनी Zscaler की शिकायत पर गूगल ने (Android apps banned by Google) 50 से भी ज्यादा एप्लीकेशंस को प्ले स्टोर से हटा दिया है। आइये, आपको इस स्टोरी में आगे बताते हैं कि आखिर गूगल ने ऐसा कदम क्यों उठाया है।

Joker, Facestealer और Coper जैसे वायरस ने किया अटैक

जानकारी के लिए बता दें कि क्लाउड सिक्योरिटी कंपनी Zscaler ने गूगल से शिकायत की थी। जिसमें बताया गया था कि गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद कुछ एप्लीकेशंस में मैलवेयर और वायरस मौजूद हैं। इस कंपनी ने प्ले स्टोर पर मौजूद मैलवेयर की जानकारी देते हुए कहा कि इनमें तीन तरह के वायरस पाए गए हैं जिनका नाम Joker Malware, Facestealer और Coper है।

सबसे खतरनाक है Joker Malware

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद सबसे ज्यादा  एप्लीकेशंस में Joker Malware पाया गया हैं, जो बड़ा ही खतरनाक वायरस है, जिसकी मदद से एंड्रॉयड डिवाइस पर काफी खतरा बढ़ जाता है। इस तरह का joked malware मैलवेयर गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद कुछ एप्लीकेशंस में कोड, एग्जीक्यूशन और कई प्रक्रिया की मदद से घुस जाता है। एक बार किसी एप्लीकेशन पर अटैक करने के बाद यह यूजर्स के SMS,कांटेक्ट लिस्ट और डिवाइस इंफॉर्मेशन निकालने में सक्षम है। इसके साथ ही वायरस की मदद से प्रीमियम वायरस एप्लीकेशन प्रोटोकॉल (WAP) सर्विसेज में भी साइन इन किया जा सकता है। यानी अगर एक बार इस तरह का वायरस आपके मोबाइल में घुस गया तो आपकी सारी जानकारी हासिल कर लेगा, जिसके बाद आपको बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

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गूगल ने लिया तुरंत एक्शन (apps banned by Google)

कंपनी ने इस तरह के मामला सामने आने के बाद तुरंत एक्शन लिया है और 50 से भी ज्यादा एप्स को तुरंत गूगल प्ले स्टोर से हटा दिया गया है। वहीं समस्या का हल यहीं समाप्त नहीं होता है क्योंकि इस तरह की एप्लीकेशंस दुनिया के कई यूजर्स के मोबाइल में पहले से डाउनलोडेड हैं, जिसकी वजह से यूजर्स को काफी नुकसान हो सकता है। अगर आप भी इन एप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं तो इन्हें तुरंत हटा दें।

यहां हम आपको उन एप्स की डिटेल जानकारी दे रहे हैं जो डिलीट की गई हैं। जल्दी अपना डिवाइस चेक करें और इन्हें अपने मोबाइल से डिलीट करें। 
इन ऐप्स में Simple Note Scanner, Universal PDF Scanner, Private Messenger, Premium SMS, Smart Messages, Text Emoji SMS, Blood Pressure Checker, Funny Keyboard, Memory Silent Camera, Custom Themed Keyboard, Light Messages, Themes Photo Keyboard, Send SMS, Themes Chat Messenger, Instant Messenger, Cool Keyboard, Fonts Emoji Keyboard, Mini PDF Scanner, Smart SMS Messages, Creative Emoji Keyboard, Fancy SMS, Fonts Emoji Keyboard, Personal Message,Funny Emoji Message,Magic Photo Editor,Professional Messages,All Photo Translator,Chat SMS,Smile Emoji,Wow Translator,All Language Translate,Cool Messages,Blood Pressure Diary,Chat Text SMS,Hi Text SMS, Emoji Theme Keyboard, iMessager, Text SMS,Camera Translator,Come Messages,Painting Photo Editor,Rich Theme Message,Quick Talk Message,Advanced SMS,Professional Messenger,Classic Game Messenger,Style Message,Private Game Messages,Timestamp Camera, Social Message शामिल हैं।

इस तरह के मैलवेयर अक्सर सामने आते रहते हैं और हर बार गूगल को कई एप्लीकेशंस को डिलीट करना पड़ता है। अब देखना यह है कि गूगल इस तरह की गतिविधियों पर आगे कैसे रोक लगाती है। यह भी पढ़ें: Samsung Galaxy F23 5G पर 9,000 रुपये का डिस्काउंट, 13,250 रुपये का एक्सचेंज बोनस भी पाएं


अंकित ने पत्रकारिता की शुरुआत स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट के रूप में की थी लेकिन तकनीकी के प्रति विशेष रुझान इन्हें Mysmartprice हिंदी में लेकर आया है। पत्रकारिता के दौरान इन्होंने एक चीज बखूबी सीखा है और वह है आसान भाषा में लोगों को सटीक जानकारी देना। और यही खूबी इन्हें दूसरों से अलग बनाती है। यहां अंकित मोबाइल और तकनीक के साथ ऑटोमोबाइल्स सेग्मेंट को भी कवर करते हैं। पत्रकारिता में इन्हें 5 साल से ज्यादा का अनुभव है जहां इन्होंने राज एक्सप्रेस, थिंक विथ नीश, स्टेट न्यूज और बंसल न्यूज जैसे आर्गेनाइजेशन में अपना योगदान दिया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्यूनिकेशन से मास्टर डिग्री ली है। साथ ही टाइम्स ग्रुप से बैंकिंग मैनेजमेंट में डिप्लोमा भी किया है।