देश में कम हो डीजल गाड़ियों की बिक्री और प्रोडक्शन- नितिन गडकरी

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ऑटोमोबाइल कंपनियों से डीजल इंजन वाले वाहनों  के उत्पादन और बिक्री को कम करने और अन्य तकनीकों को बढ़ावा देने का आग्रह किया। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए, गडकरी ने कहा कि सरकार फ्लेक्स इंजन वाले वाहन देने के लिए प्रतिबद्ध है जो उपयोगकर्ताओं को 100 फीसदी पेट्रोल या 100 फीसदी बायो-एथेनॉल पर गाड़ियां चलाने का ऑप्शन देती हैं।

ऑप्शनल फ्यूल टेक्नोलॉजी को बढ़ावा

नितिन गडकरी ने सियाम सम्मेलन में यह भी कहा वो इंडस्ट्री से उम्मीद कर रहे हैं कि E20 के मुताबिक गाड़ियों को तेजी से तैयार किया जाएगा। E20 वाहनों से मतलब फ्यूल  में 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल के मिश्रण से है। डीजल से होने वाला प्रदूषण पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि इंडस्ट्री को ऑप्शनल फ्यूल टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देना चाहिए और वैकल्पिक ईंधन के लिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर खर्च करना चाहिए।

गडकरी ने  कहा, यह हमारे आयात बिल में कटौती करने और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना हमारे किसानों को सीधा लाभ देने में बेहद मददगार होगा। इतना ही नहीं, सरकार चाहती है कि भारत की GDP में वाहन क्षेत्र का योगदान 7.1 फीसदी है जबकि विनिर्माण क्षेत्र की GDP में वाहन क्षेत्र 49 फीसदी हिस्सा रखता है। वाहन उद्योग का सालाना कारोबार 7.5 लाख करोड़ रुपये और निर्यात 3.5 लाख करोड़ रुपये है।

गडकरी ने कहा कि देश को 5,000 अरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की महत्वपूर्ण भूमिका है। गडकरी ने यह भी कहा कि फ्लेक्स इंजन बेस्ड गाड़ियां अमेरिका, ब्राजील और कनाडा में पहले से ही चल रही हैं, जबकि इनमें से कुछ ब्रांड भारत में भी बेहतर ढंग से काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय हाइड्रोजन ईंधन सेल वाहनों की संभावनाएं भी तलाश रहा है। “ग्रीन-हाइड्रोजन भविष्य के लिए ईंधन है। हमें इसके उत्पादन, परिवहन और भंडारण के लिए उपयुक्त तकनीकों को खोजने की जरूरत है,” उन्होंने कहा कि कम लागत वाले इलेक्ट्रोलाइजर्स भारत में ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र में गेम चेंजर होंगे।

एथेनॉल पंप जल्द होंगे शुरू !

सियाम सम्मेलन में गडकरी ने कहा कि उन्हें पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा सूचित किया गया है कि देश के हर जिले में जल्द ही एथेनॉल पंप शुरू किए जाएंगे। सरकार ने 2025 तक भारत में एथेनॉल सम्मिश्रण के रोडमैप पर विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट जारी की है, जिसमें 2025 तक पेट्रोल (E20) में 20 फीसदी  इथेनॉल मिश्रण के क्रमिक रोल-आउट पर चर्चा की गई है।

इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि कम लागत वाली स्वदेशी बैटरी प्रौद्योगिकियों को विकसित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “EV अपनाने के लिए चार्जिंग बुनियादी ढांचे का विकास बहुत जरूरी है। गडकरी ने कहा कि सरकार पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करने के लिए इथेनॉल, मेथनॉल, बायो-डीजल, बायो-सीएनजी, एलएनजी, इलेक्ट्रिक और ग्रीन-हाइड्रोजन ईंधन सेल प्रौद्योगिकी जैसे स्वच्छ और हरित वैकल्पिक ईंधन को अपनाने को बढ़ावा दे रही है।