फैंटेसी गेमिंग ऐप पर IT डिपार्टमेंट का शिकंजा, जानें डिटेल

गेम्स को जुआ और सट्टेबाजी का एक रूप बोला जा सकता है। इस मामले को लेकर कई लोगों ने चिंता जताते हुए ऑनलाइन गेमिंग नियमों पर सवाल उठाए, जिसके बाद सरकार ने भी अब इस मामले पर विचार करते हुए कई नियमों में संशोधन कर दिया है।

Highlights

  • मार्केट में मौजूद है कई फैंटेसी गेम्स ऐप्स
  • टीम बनाने के लिए लगाना पड़ता है पैसा
  • सिंपल गेमिंग कंपनियों को नहीं होगी SRO से अनुमति की जरूरत

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देश में IPL की शुरुआत हो चुकी है। इस माहौल में मार्केट में मौजूद फैंटेसी गेम्स खिलाने वाली कंपनियां काफी सक्रिय हो जाती हैं। लोगों को गेम से जोड़कर काफी पैसा कमाया जाता है। इस तरह के गेम्स को जुआ और सट्टेबाजी का एक रूप बोला जा सकता है। इस मामले को लेकर कई लोगों ने चिंता जताते हुए ऑनलाइन गेमिंग नियमों पर सवाल उठाए, जिसके बाद सरकार ने भी अब इस मामले पर विचार करते हुए कई नियमों में संशोधन कर दिया है।

मंत्रालय देगा SRO को अनुमति

यदि आप भी ऑनलाइन गेमिंग का शौक रखते हैं, तो जान लें कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय अब कई स्व-नियामक संगठनों (SRO) को इस बात की अनुमति देगा कि वे यह निर्धारित करें कि पैसे लगाकर भारत में खेल को संचालित करने की अनुमति है या नहीं ? इसी के साथ मंत्रालय ने हाल के महीनों में अलग-अलग गेमिंग कंपनियों, इंडस्ट्री से जुड़े लोगों, खिलाड़ियों और वकीलों के हितधारकों के साथ जनवरी 2023 में एक सार्वजनिक परामर्श आयोजित करने के बाद 6 अप्रैल को इस मामले पर अधिसूचित किया है।
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IT राज्य मंत्री का बयान

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और IT राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने एक बयान में कहा है कि नियमों और संशोधन का मकसद इंटरनेट को खुला, सुरक्षित और विश्वसनीय और जवाबदेह बनाना है। ऑनलाइन गेमिंग में सट्टेबाजी व जुएबाजी की इजाजत नहीं दी जाएगी। इन संशोधन का उद्देश्य ऑनलाइन गेमिंग कंपनी और सरकार के कामकाज से संबंधित झूठी व भ्रामक सूचना को लेकर सोशल मीडिया इंटरमीडियरीज पर ज्यादा सम्यक तत्परता लागू करना है। हम भारत के ऑनलाइन गेमिंग इकोसिस्टम को कई अरब डॉलर के उद्योग में विस्तारित और विकसित होते देख रहे हैं। साल 2025-26 तक भारत के एक ट्रिलियन डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लक्ष्य के लिए यह एक अहम उत्प्रेरक बन सकता है, जिसमें ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुएबाजी पर प्रतिबंध काफी स्पष्ट है।

SRO से लेनी होगी अनुमति    

यदि कोई गेमिंग कंपनी है, तो उसे स्व-नियामक संगठनों (SRO) के पास जाने की जरूरत नहीं है, लेकिन अगर आपके गेम में पैसा शामिल है, तो उन्हें भारत में अपनी सेवा देने के लिए SRO से अनुमति लेने की जरूरत पड़ेगी। इस मामले पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने पिछले कुछ महीनों में देखा है कि कई स्टार्टअप राज्य के कानूनों, राज्य के नियमों और राज्य के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
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