ओपो का भारतीय बाजार पर जोर, चीन के बाहर हैदराबाद में शुरू किया पहला 5G लैब

स्मार्टफोन निर्माता कंपनी ओपो (Oppo) ने मंगलवार को कहा कि उसने भारत में अपना पहला 5जी इनोवेशन लैब स्थापित किया है। इसी के साथ यह लैब चीन के बाहर कंपनी का पहला लैब है। ओपो कंपनी का प्लान हैदराबाद स्थित रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर में कैमरा, पावर एंड बैटरी और परफॉर्मेंस के लिए खासतौर पर तीन और लैब तैयार करना है।

ओपो इंडिया के उपाध्यक्ष और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के प्रमुख तसलीम आरिफ ने एक बयान में कहा, ‘‘यह विदेश में ओपो की पहली 5जी प्रयोगशाला है। इस प्रयोगशाला की स्थापना के साथ ही हम 5जी टेक्नॉलॉजी को मजबूत करने और ईकोसिस्टम तैयार का काम करेंगे। इसके साथ ही हम 5जी की ओर भारत के बढ़ते कदम का भी समर्थन करते हैं।’’

इस लैब में तैयार टेक्नॉलॉजी की वैश्विक पहचान होगी और यह हमारे उस विजन को भी दिखाती है जिसमें हम भारत को इनोवेशन हब बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। कंपनी का कहना है कि ओपो लैब विश्व के लिए लेटेस्ट और एडवांस टेक्नॉलॉजी बनाएगी।

सितंबर 2020 की तारीख के मुताबिक, ओप्पो ने 3GPP को 5G स्टैंडर्ड से संबंधित प्रस्ताव को सब्मिट किया है। जिसमें 5G स्टैंडर्ड पेटेंट की 1 हजार से ज्यादा फैमिली को फ्रांस में आधारित तकनीकी स्टैंडर्ड संस्था यूरोपियन टेलिकॉम्युनिकेशंस स्टैंडर्ड इंस्टीट्यूट के लिए घोषित किया है।

ओपो का भारत में खास जोर
बता दें कि भारत में प्रौद्योगिकी में तेजी से आ रहे बदलाव के मद्देनजर ओपो यहां नेक्स्ट जनरेशन इनोवेशन जैसे 5G और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) पर खासा जोर दे रही है। पिछले साल दिसंबर में ओपो इंडिया के उपाध्यक्ष (शोध एवं विकास) तस्लीम आरिफ ने कहा था कि जहां तक 5G का सवाल है तो भारत एक उल्लेखनीय बाजार है। देश की नई राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति (एनडीसीपी) में उद्योग और देश के लिए एक सकारात्मक दृष्टिकोण दिया गया है। इसमें अगली पीढ़ी की डिजिटल सेवाओं को समर्थन के लिए डिजिटल ढांचे के सृजन का प्रस्ताव है।