PhonePe ने की Paytm कर्मचारियों की पुलिस में शिकायत, जानें क्या है पूरा मामला

Paytm में काम कर रहे कर्मचारियों ने PhonePe के क्यूआर कोड को जलाने की कोशिश की है।

Phonepe
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भारत में रोजमर्रा के लेनदेन में काम आने वाली UPI एप्लीकेशन Paytm और PhonePe के बीच झड़प हो गई है। दरअसल, fintech firm paytm के कर्मचारियों ने बड़ी मात्रा में PhonePe QR codes जलाने की कोशिश की थी। जिसके चलते PhonePe ने पेटीएम कर्मचारियों पर पुलिस में मामला दर्ज करवाया गया है। बता दें कि यह मामला दिल्ली से सामने आया है। पुलिस रिपोर्ट में जानकारी मिली है कि 28 जुलाई को PhonePe के किसी कर्मचारी को व्हाट्सएप पर एक वीडियो प्राप्त हुआ था। जिसमें सामने आया था कि कंपनी के पुराने कर्मचारी जो फिलहाल पेटीएम में काम कर रहे हैं उन्होंने PhonePe के क्यूआर कोड को जलाने की कोशिश की है। इस वीडियो में तीन कर्मचारी सामने आए थे, जो क्यूआर कोड जला (QR Code burning) रहे थे। आइये, आपको इस मामले के बारे में विस्तार से बताते हैं।

PhonePe ने तुरंत लिया एक्शन 

इस मामले पर PhonePe ने तुरंत एक्शन लेते हुए शिकायत दर्ज करवाई है। मामला पुलिस में पहुंचा और पुलिस ने भी इस मामले की जांच शुरू कर दी है। इस मामले को लेकर PhonePe का कहना है कि यह घटना जानबूझकर उनकी प्रॉपर्टी (PhonePe QR codes) को खराब करने के लिए की गई है। इसकी वजह से उनके बिजनेस और रेपुटेशन को नुकसान पहुंचाया गया है। कंपनी ने शिकायत में यह भी कहा है कि यह PhonePe की प्रतिष्ठा को खराब करने और वित्तीय नुकसान पहुंचाने की बड़ी साजिश है। कंपनी ने पुलिस से इस बात की भी पूरी जांच करने को कहा है कि उन कर्मचारियों ने इतनी बड़ी संख्या में क्यूआर कोड कैसे हासिल किए।

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कंपनी का क्या है कहना 

मामले को लेकर PhonePe के प्रवक्ता ने बताया कि हमें प्राप्त हुए वीडियो के अनुसार हम पुलिस के पास गए थे। वीडियो में हमने कुछ लोगों की पहचान की है। जिनमें एक पेटीएम एरिया सेल्स मैनेजर भी शामिल है। हमें पुलिस पर पूरा भरोसा है कि मामले पर जरूरी कदम उठाया जाएगा। वहीं मामले को लेकर पेटीएम कंपनी का कहना है कि इस मामले में जो भी कर्मचारी सामने आए हैं, उन्हें हमने निलंबित कर दिया है। यह PhonePe और पेटीएम के पूर्व कर्मचारियों के बीच का मामला है। हम इन जैसे कर्मचारियों द्वारा की गई हरकत की निंदा करते हैं। कर्मचारियों को विस्तृत जांच होने तक कंपनी ने निलंबित कर दिया है। हम किसी भी गलत काम को बर्दाश्त नहीं करते हैं और हमेशा सभी कार्य नैतिकता के उच्चतम मानकों के अनुसार करते हैं।

बताते चलें कि जुलाई में शेयर किए गए एनपीसीआई के डाटा के मुताबिक, PhonePe और Google pay ने कुल यूपीआई वॉल्यूम का 81 प्रतिशत हिस्सा शेयर किया है। यानी कि यूपीआई लेनदेन के मामले में यह दोनों कंपनियां अव्वल रही है, इसके बाद तीसरा नंबर पेटीएम का आता था। 

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अंकित ने पत्रकारिता की शुरुआत स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट के रूप में की थी लेकिन तकनीकी के प्रति विशेष रुझान इन्हें Mysmartprice हिंदी में लेकर आया है। पत्रकारिता के दौरान इन्होंने एक चीज बखूबी सीखा है और वह है आसान भाषा में लोगों को सटीक जानकारी देना। और यही खूबी इन्हें दूसरों से अलग बनाती है। यहां अंकित मोबाइल और तकनीक के साथ ऑटोमोबाइल्स सेग्मेंट को भी कवर करते हैं। पत्रकारिता में इन्हें 5 साल से ज्यादा का अनुभव है जहां इन्होंने राज एक्सप्रेस, थिंक विथ नीश, स्टेट न्यूज और बंसल न्यूज जैसे आर्गेनाइजेशन में अपना योगदान दिया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्यूनिकेशन से मास्टर डिग्री ली है। साथ ही टाइम्स ग्रुप से बैंकिंग मैनेजमेंट में डिप्लोमा भी किया है।