28 करोड़ भारतीयों का PF Data लीक, कहीं आपका अकाउंट भी तो नहीं, जानें पूरी डिटेल

Bob Diachenko ने जानकारी पेश की है कि भारतीय यूजर्स के Provident fund Data को हैक किया गया है।

28 करोड़ भारतीय यूजर्स का का बड़ा PF डाटा लीक होने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि कुछ दिनों पहले करीब 28 करोड़ लोगों का प्रोविडेंट फंड अकाउंट (Provident fund Data) से जुड़ा डाटा कुछ हैकर्स द्वारा लीक कर लिया गया है। इसे लेकर यूक्रेन में काम कर रहे एक शोधकर्ता Bob Diachenko (Ukraine Based Researcher) ने जानकारी पेश की है। उन्होंने बताया है कि भारतीय यूजर्स के डाटा को हैक किया गया है। वहीं इस लीक में भारतीय यूजर्स की निजी जानकारी, UAN नंबर यानी यूनिवर्सल अकाउंट नंबर, आधार डिटेल, बैंक अकाउंट डिटेल, मैरिटल स्टेटस, जेंडर, डेट ऑफ बर्थ जैसी जानकारी लीक होने बात सामने आई है। यहां तक कि मामले के सामने आने के बाद किसी भी एजेंसी ने इस लीक की जिम्मेदारी नहीं ली है।

जानकारी के लिए बता दें कि जैसे ही इस Ukraine के विशेषज्ञ द्वारा इस बात की जानकारी सामने आई है। इसे लेकर Computer Emergency Response Team (CERT-In) एजेंसी ने इन्हें पूरी रिपोर्ट भेजने के लिए मेल करने को कहा है।

Pf Account डाटा हुआ लीक

इससे पहले शोधकर्ता Bob Diachenko ने 2 अगस्त को प्रोफेशनल प्लेटफॉर्म Linkedin पर एक पोस्ट शेयर किया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि उनकी सिक्योरिटी डिस्कवरी कंपनी के दो सर्च इंजनों में यूनिवर्सल अकाउंट नंबर या फिर यह कहे कि UAN नाम से इंडेक्स वाले दो अलग-अलग IP की पहचान की थी। बता दें कि UAN एक 12 अंकों की संख्या का नंबर होता है, जो कर्मचारियों को भविष्य निधि के लिए दिया जाता है। उन्होंने आगे कहा कि इसमें पहले आईपी एड्रेस के दौरान करीब 280,472,941 रिकार्ड्स और दूसरे आईडी के दौरान 8,390,524 रिकार्ड्स सामने आए थे।

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Bob Diachenko ने इस पूरे मामले की जांच की और पाया कि इसमें काफी कीमती जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि इस बड़े मामले को देखते हुए उन्होंने ट्विटर और लिंक्डइन पर इसकी जानकारी पेश की और 12 घंटे के अंदर ही यह आईपी एड्रेस गायब हो गए। उनके मुताबिक यह आईपी एड्रेस भारत में मौजूद है और Microsoft Azure cloud के जरिये ऑपरेट हुए हैं। वहीं  DNS एनालिसिस के दौरान भी हैकर्स साफ तौर पर ट्रेस नहीं हो पाए हैं।

बताते चलें कि यह मामला 2 अगस्त को सामने आया है, लेकिन यह प्रोविडेंट फंड से जुड़ा डाटा कब लीक हुआ है इसकी असल तारीख सामने नहीं आई है। इसको देखते हुए साफ लगता है कि जाने कब से प्रोविडेंट फंड डाटा ऑनलाइन वायरल हो रहा था। वहीं इस बारे में सिस्टम को कोई जानकारी नहीं थी। बताया गया है कि इस डाटा की मदद से फेक आइडेंटिटी बनाने, डॉक्युमेंट्स बनाने और किसी के पीएफ अकाउंट में सेंध लगाने की पूरी कोशिश की जा सकती थी।


अंकित ने पत्रकारिता की शुरुआत स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट के रूप में की थी लेकिन तकनीकी के प्रति विशेष रुझान इन्हें Mysmartprice हिंदी में लेकर आया है। पत्रकारिता के दौरान इन्होंने एक चीज बखूबी सीखा है और वह है आसान भाषा में लोगों को सटीक जानकारी देना। और यही खूबी इन्हें दूसरों से अलग बनाती है। यहां अंकित मोबाइल और तकनीक के साथ ऑटोमोबाइल्स सेग्मेंट को भी कवर करते हैं। पत्रकारिता में इन्हें 5 साल से ज्यादा का अनुभव है जहां इन्होंने राज एक्सप्रेस, थिंक विथ नीश, स्टेट न्यूज और बंसल न्यूज जैसे आर्गेनाइजेशन में अपना योगदान दिया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्यूनिकेशन से मास्टर डिग्री ली है। साथ ही टाइम्स ग्रुप से बैंकिंग मैनेजमेंट में डिप्लोमा भी किया है।