बिना बिजली के हवा में चलती है यह Sky Train, देखें रोमांच कर देने वाली तस्वीरें

खास बात यह है कि इस Sky Train में 32 सीटें लगाई गई है। जिसमें एक बार में 88 लोग ट्रैवल कर सकते हैं।

चीन हमेशा से अपने कुछ अनोखे अविष्कारों के लिए जाना जाता है। एक बार फिर चीन में नई रेल का आविष्कार हुआ है। जिसे Sky Train नाम दिया गया है। जबकि इसे Red Rail भी कहा जा रहा है। बताया गया है कि यह (Magnetic Train) ट्रेन मैग्नेटिक तकनीक की मदद से हवा में चलती है। आपको बता दें कि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह दुनिया की पहली ऐसी (suspended maglev train) ट्रेन है, जो हवा में चलने (magnetic levitation train) के लिए मशहूर हो रही है। खास बात यह है कि इसमें 32 सीटें लगाई गई है। जिसमें एक बार में 88 लोग ट्रैवल कर सकते हैं। अगर ट्रेन की गति की बात की जाए तो यह 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है। वहीं चीन में इस तरह की ट्रेन चलाने के लिए टेस्ट ट्रैक बनाया गया है। जिसे Red Track नाम दिया गया है। इस ट्रैक को Xingguo एरिया में विकसित किया गया है। आइये, आपको ट्रेन की बेहतरीन तस्वीरें और कुछ खास बातें विस्तार से बताते हैं।

sky train china

जानकारी के लिए बता दें कि ‘रेड रेल’ अब तक बनाई गई पहली घरेलू मैग्नेटिक मैग्लेव रेल ट्रांजिट सिस्टम इंजीनियरिंग टेस्ट लाइन है। टेस्टिंग पूरी होने के बाद यह ट्रेन मध्यम और निम्न गति के साथ चलेगी। वहीं यह काफी सुरक्षित और सुविधाजनक अनुभव देगी।

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कहा बना है रेड रेल ट्रैक

नई ट्रैन चलाने के लिए दक्षिणी चीन में जिंगगुओ काउंटी के जियांग्शी में 800 मीटर यानी (2,600 फुट) का टेस्टिंग रेड रेल ट्रैक बनाया गया है। जिसमें पूरी तरह से दमदार मैग्नेटिक तकनीक का उपयोग किया गया है। जिसकी मदद से ट्रैन हवा में आराम से चल सकती है। आप तस्वीरों में देख सकते हैं कि किस तरह ट्रैक पर ट्रैन बिना किसी सहारे के हवा में चल रही है।

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार ज्यादातर मैग्लेव लाइनों की तुलना में यह ट्रैक जमीन से लगभग 10 मीटर ऊपर है। ट्रैन के साथ कोई भी सपोर्ट देखने को नहीं मिलता है। यह ट्रैन इस पोजीशन में 80 किमी / घंटा यानी 50 मील प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है।

क्या बोले विशेषज्ञ

जियांग्शी यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के विशेषज्ञों के मुताबिक फ्री-फ्लोटिंग स्थितियों और घर्षण की अनुपस्थिति के साथ, ट्रेन को चलाने के लिए केवल थोड़ी मात्रा में बिजली की आवश्यकता होती है। साथ ही नई मैग्लेव तकनीक में electromagnetic radiation बनता है और इसकी लागत भी मेट्रो के निर्माण से कम होती है।

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बताते चलें कि स्थानीय परिवहन अधिकारियों ने कहा कि टेस्टिंग के बाद, लाइन को 7.5 किमी कर दिया जाएगा। जबकि आने वाले समय में गति 120 किमी / घंटा हो सकती है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कई चीनी शहर मैग्लेव लाइनों का निर्माण या फिर योजना बना रहे हैं और आने वाले भविष्य में ट्रेनें 600 किमी / घंटे की रफ्तार से चलने की उम्मीद है। 

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अंकित ने पत्रकारिता की शुरुआत स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट के रूप में की थी लेकिन तकनीकी के प्रति विशेष रुझान इन्हें Mysmartprice हिंदी में लेकर आया है। पत्रकारिता के दौरान इन्होंने एक चीज बखूबी सीखा है और वह है आसान भाषा में लोगों को सटीक जानकारी देना। और यही खूबी इन्हें दूसरों से अलग बनाती है। यहां अंकित मोबाइल और तकनीक के साथ ऑटोमोबाइल्स सेग्मेंट को भी कवर करते हैं। पत्रकारिता में इन्हें 5 साल से ज्यादा का अनुभव है जहां इन्होंने राज एक्सप्रेस, थिंक विथ नीश, स्टेट न्यूज और बंसल न्यूज जैसे आर्गेनाइजेशन में अपना योगदान दिया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्यूनिकेशन से मास्टर डिग्री ली है। साथ ही टाइम्स ग्रुप से बैंकिंग मैनेजमेंट में डिप्लोमा भी किया है।