पिता के एक्सीडेंट के बाद Zomato का डिलीवरी बॉय बना मासूम बच्चा, कंपनी ने कहा अब डिलीवरी नहीं पढ़ाई करेगा

सोशल मीडिया पर छोटे बच्चों का वीडियो देखा गया था। जिसमें वह Zomato की डिलीवरी कर रहा है।

Zomato offers help to Young School Boy who turns Zomato delivery agent after father’s accident, Video goes viral
Zomato offers help to Young School Boy

भारत में Food Delivery के लिए मशहूर Zomato कंपनी ने एक अच्छी पहल की है। दरअसल, एक मासूम बच्चा Zomato की फूड डिलीवरी कर रहा था। हालांकि देश में बच्चों से काम करवाना सही व्यवहार नहीं है, लेकिन इस बच्चे के पिता एक एक्सीडेंट से गुजरे थे, जिसके चलते मासूम के पास कोई रास्ता भी नहीं बचा था। जोमाटो कंपनी भी इस बात से अनजान थी कि यह बच्चा अपने पिताजी की जगह पर (delivery agent) फूड डिलीवरी कर रहा है। इस मामले को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर के जरिए सामने लाया गया है। दरअसल, एक दिन फूड डिलीवरी के दौरान ट्विटर यूजर राहुल मित्तल ने बच्चे का वीडियो बनाया था। जिसे पोस्ट करने के बाद सोशल मीडिया पर हलचल मच गई और अब जोमाटो ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। आइये, आपको इस मामले के बारे में विस्तार से बताते हैं।

कैसा सामने आया बच्चे का सच

सोशल मीडिया पर राहुल मित्तल नाम के शख्स ने छोटे बच्चों का (zomato video) वीडियो शेयर किया था। जिसमें देखा जा सकता है कि वह जोमाटो की डिलीवरी कर रहा है। दरअसल पिता के एक्सीडेंट के चलते उसे मजबूरन यह काम करना पड़ रहा था। बता दें कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किए गए वीडियो में यूजर ने बच्चे की उम्र 7 साल बताई थी, लेकिन जोमाटो का कहना है कि बच्चे की उम्र 14 साल है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में बच्चे (zomato kid) का नाम प्राइवेसी के चलते नहीं बताया गया है। देखा जा सकता है कि वह चॉकलेट की डिलीवरी कर रहा है। इस वीडियो में बच्चे ने बताया कि वह शाम को 6 बजे से रात 11 बजे तक अपनी साइकिल से फूड डिलीवरी करता है।

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बता दें कि वीडियो के वायरल (zomato viral video) होने के बाद कई लोगों ने कंपनी पर सवाल भी उठाए और चाइल्ड लेबर का आरोप भी लगाया। वहीं कुछ लोगों ने इस मामले की तारीफ की है क्योंकि बच्चे की हिम्मत और ताकत देखकर कुछ लोग काफी इंस्पायर्ड फील कर रहे थे।

कंपनी का क्या है कहना

जब इस मामले की जानकारी जोमाटो को लगी तो कंपनी ने भी इसे उनके काम के एथिक्स के खिलाफ बताया है। कंपनी का कहना है कि इस मामले पर बच्चे के परिवार की हालत को देखते हुए हम उसके परिवार पर कोई एक्शन नहीं लेंगे। हम इंटरनेट माध्यम के शुक्रगुजार हैं कि हमें इस बात की जानकारी लगी। हमने बच्चे के परिवार को इस मामले पर समझाया है। इसके अलावा, कंपनी के प्रवक्ता ने यह भी कहा है कि हम इस बच्चे की पूरी मदद करेंगे साथ ही उसकी पढ़ाई का खर्चा भी उठाएंगे। हमें यह भी पता चला है कि बच्चे के पिता का एक्सीडेंट Zomato में काम शुरू होने से पहले हुआ था। जिसके चलते उन्हें जोमाटो की एक्सीडेंटल सपोर्ट पॉलिसी का लाभ भी नहीं मिला था। हालांकि हम परिवार की स्थिति को समझते हुए जरूरी वित्तीय मदद की पूरी कोशिश करेंगे।

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अंकित ने पत्रकारिता की शुरुआत स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट के रूप में की थी लेकिन तकनीकी के प्रति विशेष रुझान इन्हें Mysmartprice हिंदी में लेकर आया है। पत्रकारिता के दौरान इन्होंने एक चीज बखूबी सीखा है और वह है आसान भाषा में लोगों को सटीक जानकारी देना। और यही खूबी इन्हें दूसरों से अलग बनाती है। यहां अंकित मोबाइल और तकनीक के साथ ऑटोमोबाइल्स सेग्मेंट को भी कवर करते हैं। पत्रकारिता में इन्हें 5 साल से ज्यादा का अनुभव है जहां इन्होंने राज एक्सप्रेस, थिंक विथ नीश, स्टेट न्यूज और बंसल न्यूज जैसे आर्गेनाइजेशन में अपना योगदान दिया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्यूनिकेशन से मास्टर डिग्री ली है। साथ ही टाइम्स ग्रुप से बैंकिंग मैनेजमेंट में डिप्लोमा भी किया है।