कहीं इंटरनेट पर लुट न जाएं आप, इसलिए इन 7 बातों का हमेशा रखें खयाल

आजकल हैकर्स द्वारा निजी डेटा चोरी करने की घटनाएं बढ़ती जा रही है। ऐसे में अपने पर्सनल डेटा की गोपनीयता बनाए रखना हमारी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। यहां हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसे 7 टिप्स जिन्हें आपको ऑनलाइन सुरक्षित रखने के लिए ध्यान में रखना चाहिए।

फ्री wifi इस्तेमाल ना करें

हालांकि ये सच है कि फ्री wifi का इस्तेमाल कौन नहीं करना चाहेगा, खासकर तब, जब आपके पास मोबाइल डेटा ना हो और आपको कोई ज़रूरी मेल तुरंत भेजना हो। लेकिन ऐसा तभी करें अगर आप अपनी निजी जानकारी और स्थान का विवरण पब्लिक करना चाहते हैं। क्योंकि इस तरह से फ्री wifi का इस्तेमाल कर आप अपने निजी डेटा को खतरे में डालेंगे।

अपना पासवर्ड बदलते रहें

अगर आप हाई स्कूल के बाद से हर जगह उसी ‘रॉकस्टार_ <अपना नाम>’ पासवर्ड का उपयोग कर रहे हैं तो ये खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए ये बहुत ज़रूरी है कि आप हर साल अपना पासवर्ड बदलते रहें। ये भी सुनिश्चित करें कि आप एक स्ट्रांग पासवर्ड चुनें। इसके अलावा, पासवर्ड को सुरक्षित रखने के लिए उसके स्मार्ट टिप्स और ट्रिक को देखें और किसी को भी अपने ज़रूरी पासवर्ड ना बताएं।

इंकॉग्निटो मोड में ब्राउजिंग करें

अगर आप कंप्यूटर पर अपनी ब्राउज़िंग हिस्ट्री, अस्थायी इंटरनेट फ़ाइलों या कुकीज़ सेव करके नहीं रखना चाहते हैं, तो इसके लिए अपने क्रोम ब्राउज़र को इंकॉग्निटो (Incognito) मोड में चलाएं। फ़ायरफ़ॉक्स में भी इंकॉग्निटो मोड ब्राउज़िंग फ़ीचर है, जबकि इंटरनेट एक्सप्लोरर अपने प्राइवेसी फ़ीचर के लिए इन-प्राइवेट (InPrivate) ब्राउज़िंग नाम का उपयोग करता है।

अपनी लोकेशन आन ना करें

ऐप डाउनलोड करने या किसी विशेष वेबसाइट पर जाने के बाद आपको लोकेशन आन करने के लिए पॉप-अप बॉक्स मिलेगा। अपनी प्राइवेसी और पर्सनल डेटा को बचाने के लिए आप कभी अपनी लोकेशन आन ना करें क्योंकि ऐसा कर आप हैकर्स के आसान शिकार बन सकते हैं।

VPN का करें इस्तेमाल

एक वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) हमारी ऑनलाइन प्राइवेसी को सुरक्षित रखने में मदद करता है। यह न केवल एक पब्लिक इंटरनेट कनेक्शन से प्राइवेट नेटवर्क बनाकर हमारी ऑनलाइन गोपनीयता को बनाए रखता है बल्कि हमारे आईपी एड्रेस को भी जाहिर नहीं होने देता ताकि हमारे ऑनलाइन काम को कोई ट्रेस ना कर सके।

फ़िशिंग से बचें

हैकर्स के लिए आपका डेटा चुराने का सबसे पसंदीदा तरीका है- फ़िशिंग। इसमें वे आपको बैंकों, क्रेडिट कार्ड प्रदाताओं, या अन्य वित्तीय संस्थानों से नकली ईमेल भेजकर आपसे आपकी निजी जानकारी देने को कहेंगे। किसी भी हालत में आपको ऐसे किसी ईमेल लिंक पर क्लिक नहीं करना है जिसके बारे में आप जानते नहीं हैं। सबसे पहले आप उस बैंक को कॉल करें और ईमेल संबधित सभी सवाल पूछें। बिना जानकारी के आप किसी लिंक पर क्लिक करके अपनी निजी जानकारी को जोखिम में डालेंगे, इसलिए फिशिंग से बचें।

एक अच्छा एंटीवायरस यूज करें

यह सबसे बुनियादी सावधानी है जिस से हम कई तरह के मैलवेयर, स्पायवेयर और अन्य वायरस से अपने कम्प्यूटर को सुरक्षित रख सकते हैं। एक अच्छा एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर हमारी जानकारी को हैक होने से बचाएगा और हमारी लोकेशन को भी जाहिर नहीं होने देगा। लेकिन सॉफ्टवेयर की उपयोगिता बनाए रखने के लिए उसे समय समय पर अपडेट करते रहें। सोशल मीडिया पर पॉप-अप होते विज्ञापनों को बंद करने के तरीके सीखें और अपनी प्राइवेसी और डेटा को सुरक्षित रखें।


सत्यव्रत का मानना है कि टेक्नॉलजी का जितना इस्तेमाल करेंगे, उतना जानेंगे. इसी के चलते उन्होंने टेक जर्नलिस्ट बनने का फैसला लिया. सत्यव्रत ने अपने करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की थी, साल 2015 में वह ज़ी न्यूज़ से जुड़े. वह न केवल टेक को अच्छी तरह से समझते हैं बल्कि यह भी जानते हैं कि कौन सी स्टोरी पाठकों को ज्यादा पसंद आती हैं. अब सत्यव्रत Mysmartprice से जुड़े हैं. और यहां भी उनका मकसद हर रोज बदल रही टेक्नॉलजी की दुनिया की हर बारीकी को आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाना है.