कार एक्सेसरीज : लगवाते समय रखें ध्यान वर्ना बन सकता है बड़े घाटे का सौदा

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जब भी हम गाड़ी खरीदते हैं तो सबसे पहला काम जो करते हैं वो है, गाड़ी में एक्सेसरीज लगवाना। आजकल मार्किट में तमाम ऐसी एक्सेसरीज उपलब्ध हैं जो कार और कार में बैठे पैसेन्जर्स को सुविधा, सुरक्षा देने और कार की ख़ूबसूरती बढ़ाने का दावा करती हैं। और यही सोचकर हम एक्स्ट्रा पैसे खर्च कर के उन एक्सेसरीज को गाड़ी में बेझिझक लगवा लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गाड़ी के अनुकूल सही एक्सेसरीज या फिर सही तरके से न लगाने से आपको फायदा काम और नुकसान ज्यादा हो सकता है। अर्थात आपको लेने के देने पड़ सकते हैं। अतः जब भी कभी अपनी गाड़ी में एक्सेसरीज लगवाये तो इन बातों का ध्यान जरूर रखें। इसे भी पढ़ें :शूटिंग स्किल्स को दें प्रोफेशनल टच, आज ही लायें बेस्ट रिंग लाइट्स

बम्पर गॉर्ड : गाड़ी लेते ही सबसे पहले गाड़ी को डैंट और स्क्रैचेस से बचाने के लिए हम बुल गॉर्ड लगवाते हैं। क्या आप जानते हैं कि ये बुल गॉर्ड न सिर्फ हमारे देश में बैन हैं बल्कि फायदे से ज्यादा नुकसान पंहुचा सकते हैं। गाड़ी में आगे और पीछे की तरफ लगे सेंसर किसी भी टक्कर या दुर्घटना की स्थिति में एयर बैग्स को खुलने की सूचना देते हैं, जबकि बुल गॉर्ड की वजह से सेंसर एक्टिवेट नहीं हो पाते और एयर बैग्स के न खुल वजह से बड़ी हानि हो जाती है। इसके साथ ही गाड़ीयों को इस तरह डिज़ाइन किया जाता है कि आगे से जब भी गाड़ी किसी से टकराती है तो राहगीर को कम चोट लगे लेकिन बुल गॉर्ड की वजह से वह बहुत ज्यादा चोटिल होते हैं और नुकसान बहुत ज्यादा होता है। इसे भी पढ़ें :बेस्ट फोल्डेबल लैडर, घर के काम होंगे आसान

प्रेशर हॉर्न : अक्सर हम गाड़ी के हॉर्न बदलवा के हाई इंटेंसिटी प्रेशर हॉर्न लगवा लेते हैं। लेकिन बता दें कि यह हॉर्न हमारे देश में बैन हैं, इनकी वजह से आपका चालान कटा जा सकता है। साथ ही बहुत तेज बजने वाले हॉर्न जिनकी आवाज में और कुछ सुनाई न दे, उन पर भी आपको चालान देना पड़ सकता है। यह इतने तेज बजते हैं कि पैदल और टू – व्हीलर वाले हड़बड़ा कर लड़खड़ा जाते हैं और उनका एक्सीडेंट हो जाता है। इससे सामने वाले को अधिक नुकसान पहुंच सकता है और आपको भारी हर्जाना और जुर्माना भर पड़ सकता है। इसे भी पढ़ें :कार के लिए Best हैं ये Mobile Phone Holder, कीमत 1000 से भी कम

फ्लोर मैट : फ्लोर मैट लगवाते समय ध्यान रखें कि गाड़ी के पर्टिकुलर मॉडल के हिसाब से बने हुए फ्लोर मैट ही लगवाए। हर गाड़ी के फ्लोर मैट में कटिंग उसी गाड़ी के हिसाब के क्लच, ब्रेक, एक्सीलेटर और अंदर की जगह के हिसाब से होती है। सही फ्लोर मैट न होने की स्थिति में यह असुविधाजनक तो हो ही सकता है बल्कि क्लच, ब्रेक आदि यूज़ करते समय भी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। इसे भी पढ़ें :एक Android Phone में दो WhatsApp एकाउंट एक साथ चलायें, जानें तरीका

स्टीयरिंग कवर : गाड़ी की स्टीयरिंग पर कवर लगवा रहे हों तो ध्यान रखे कि फैंसी कवर ना लगवाकर ऐसा कवर लगवाए जो कसा हुआ और सही से फिक्स हो। कवर के ढीला होने या सही तरीके से फिक्स न होने की वजह से कभी कभी ऐसा होता है कि स्टीयरिंग घूमाते समय सिर्फ कवर घूम जाता है और स्टीयरिंग अपनी जगह पर ही बनी रहती है। ऐसा अक्सर बिना पावर स्टीयरिंग की गाड़ियों में देखा जाता है। और आपका एक्सीडेंट हो सकता है। इसे भी पढ़ें :रहना है Fit, आज ही घर लाइये ये Fitness Equipment

सीट कवर : सीट कवर भी हमेशा अपनी गाड़ी के पर्टिकुलर मॉडल के अनुरूप ही लगवाएं। तभी आपको परफेक्ट फिटिंग और फिनिशिंग मिलेगी। यदि सीट कवर सही फिटिंग के न हो तो बैठने में असुविधाजनक तो हो ही सकते हैं, आपकी कमर में भी दर्द पैदा कर सकते हैं।

नंबर प्लेट : अपनी गाड़ी पर हमेशा RTO से मान्यता प्राप्त नंबर प्लेट ही लगवाए। किसी अन्य फॉन्ट या फैंसी डिज़ाइन की नंबर प्लेट लगवाने पर आपका चालान कटना निश्चित है, क्यूंकि RTO द्वारा आधिकारिक रूप से नंबर प्लेट का एक फॉर्मेट सुनिश्चित किया गया है।

गाड़ी के शीशों पर फिल्म : गाड़ी में धुप से बचने के लिए लोग अक्सर शीशों पर फिल्म चढ़वा लेते हैं। लेकिन धुप से बचने के लिए शीशों को टिंट करने की बजाय सन शेड का प्रयोग बेहतर ऑप्शन है। अगर आप फिर भी फिल्म लगवाना चाहते हैं तो ध्यान रहे कि जो भी फिल्म लगवाएं उसमे काम से काम 70 % की विजिबिलिटी अवश्य हो। अन्यथा आपका चालान काटा जा सकता है।

अलॉय व्हील्स : अगर आप नार्मल व्हील्स बदलकर अलॉय व्हील्स लगाना चाहते हैं तो गाड़ी के साथ आये व्हील्स के साइज के ही अलॉय व्हील्स लगवाए। अगर आप उस साइज से बड़े या छोटे अलॉय व्हील्स लगाते हैं तो उसका नेगेटिव असर गाड़ी की स्टेबिलिटी और ग्राउंड क्लिअरेंस पर पड़ता है। कंपनी गाड़ी की जरूरत के अनुसार हो व्हील्स का साइज तय करती है। अतः उसी साइज में अलॉय व्हील्स बदलें। इसे भी पढ़ें :Data Storage का आसान उपाय, बेस्ट 1 TB External Hard Disk Drive


कहते हैं महिलाएं तकनीक के उपयोग में पीछे हैं लेकिन अनुपमा इसी सोच को बदलना चाहती हैं और इसलिए इन्होंने तकनीकी पत्रकारिता को चुना है। नई टेक्नोलॉजी के बारे में जानना और आसान शब्दों में उसे बयां करना इन्हें काफी अच्छा लगता है। Curious नेचर और लिखने का शौक इन्हें how to's, tech और auto के बारे में लिखने के लिए प्रोत्साहित करता है। ये HNB Garhwal Central University से साइंस में ग्रेजुएट और मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएट हैं। खाली समय में गार्डनिंग, ट्रेवलिंग और ड्राइविंग करना इनकी हॉबी है।