लोन ऐप्स ने ली जान तो कुछ को किया बदनाम, जानें कैसे होता है ये फ्रॉड, ये है बचाव

गूगल ने पर्सनल लोन देने वाले 30 ऐप्स को प्ले स्टोर से हटा दिया है। ये ऐप्स कंपनी की यूजर सेफ्टी पॉलिसी का उल्लंघन करने के चलते हटाए गए हैं। इन ऐप्स के जरिए लोन लेने वाले यूजर के डेटा (निजी जानकारी) से भी छेड़खानी की जा रही थी। गूगल ने ऐसे ऐप्स को अपने प्लेस्टोर से तो हटा दिया है लेकिन अगर यूजर्स किसी अन्य तरीके (APK फाइल आदि) से डाउनलोड करते हैं तो डेटा सिक्योरिटी को लेकर गूगल की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।

हालांकि गूगल की तरफ से बैन किए गए ऐप्स की लिस्ट तो नहीं जारी की गई है लेकिन हमने चेक किया तो कुछ लोन ऐप जो पहले प्लेस्टोर पर दिखते थे अब वो नहीं दिख रहे हैं। हटाए गए लोन ऐप की सोशल मीडिया पर वायरल हो रही लिस्ट में भारत इंस्टेंट लोन नाम का भी एक ऐप है। हालांकि, इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर से हटाया नहीं गया है। लेकिन रिव्यू में लोगों ने इसे भी बहुत अच्छा नहीं बताया है।

गूगल पर अभी भी पर्सनल लोने देने वाले कई ऐप्स मौजूद हैं। आप जैसे ही प्ले स्टोर पर लोन (LOAN) लिखकर सर्च करेंगे तो कई ऐप्स सामने दिख जाते हैं। इन ऐप्स के जरिए लोन लेने वाले कुछ लोगों को सुसाइड करना पड़ा तो कुछ की उनके दोस्तों, रिश्तेदारों के बीच बदनामी हुई। दिसंबर में इंस्टेंट मनी लेंडिंग ऐप घोटाले में हैदराबाद और गुड़गांव से 19 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था।

क्या है लोन ऐप फ्रॉड
गूगल प्लेस्टोर पर दिखने वाले लोन ऐप तुरंत लोन देने का दावा करते हैं, और ये आपको तुरंत पैसे भी दे देते हैं। लेकिन ग्राहक को ये पता नहीं चल पाता कि जब इस तरह के ऐप्स को अपने फोन में डाउनलोड करते हैं तो वह आपसे कौन-कौन सी परमिशन लेता है। ऐसे में ये ऐप्स आपके फोन में सेव आपके दोस्त, रिश्तेदारों के नंबर फोटो सब निकाल लेते हैं। और जब आप समय से लोन नहीं चुकाते हैं तो ये आपके दोस्तों, रिश्तेदारों को फोन कर आपकी बेइज्जती करते हैं। लोन लेने वाले शख्स को भी कई तरह की धमकी देते हैं। कई बार तो आपके कांटेक्ट में सेव नंबरों से एक व्हाट्सएप ग्रुप बना देते हैं जिसमें आपके दोस्त और रिश्तेदार होतें और उसी ग्रुप में लोन लेने वाले को भी जोड़ देते हैं और उसी ग्रुप में बेइज्जती करते हैं।

लोन ऐप्स की तरफ से की जानी वाली इसी तरह की घटिया हरकतों के चलते कई लोगों को अपने दोस्तों, रिश्तेदारों के सामने बेइज्जत होना पड़ा और कुछ मामलों में लोगों ने इनसे तंग आकर सुसाइड भी कर लिया। तेलंगाना, इंदौर, बिहार में इस तरह की कई घटनाएं हो चुकी हैं।

आपके मन में भी है ये सवाल
हो सकता है कि आपके मन में भी ये सवाल आ रहा हो कि लोन देने वाला अपने पैसे वापस तो मांगेगा ही, इसमें गलत क्या है? तो हम आपको बताते हैं इन ऐप्स का मेन फ्रॉड क्या है जिससे लोग पैसे वापस नहीं कर पाते। दरअसल इन लोन ऐप्स की तरफ से जो पैसा दिया जाता है उसके बाद उसपर जो ब्याज वसूली जाती है उसका कुछ पता नहीं कि ये किससे कितना ब्याज वसूल रहे हैं। उदाहरण के लिए आपने आज 10,000 रुपये लोन लिया और 3 दिन बाद ही ये उसका ब्याज जोड़कर आपसे 15 हजार रुपये मांगने लग जाते हैं। यही वजह है कि एक बार इनसे लोन लेने के बाद लोग फंस जाते हैं। इनसे आपने लिए 10 हजार रुपये और वो कब 1 लाख रुपये बन गया आपको पता भी नहीं चलेगा।

लोन लेते समय इस बात का रखें ध्यान
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का कहना है कि लोन देने वाली किसी लिस्टेड वेबसाइट या उसके ऐप पर जाते हैं, तब यह जरूर देखें कि वो RBI से रजिस्टर्ड है, या फिर RBI से रजिस्टर्ड किसी बैंक या NBFC के साथ काम कर रहा है। लोने देने वाली कंपनी की पहचान संख्या (CIN) और सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन (CoR) भी देखें।

इसके अलावा लोन लेते समय ये जरूर देखें कि पेमेंट की मिनिमम और मैक्सिमम समय-सीमा क्या है? अधिकतम ब्याज दरें क्या हैं? जितने समय के लिए आप लोन ले रहे हैं ब्याज जोड़कर कुल कितने रुपये बनेंगे। लोन की फीस, रिस्क और बेनिफिट्स की पूरी जानकारी हासिल करें। यदि लोन ऐप वाली कंपनी की तरफ से आपको ये बातें साफ तौर पर नहीं बताई जा रही हैं तो ऐसे ऐप्स से बिल्कुल भी लोन न लें।

हमारी आपको यही सलाह है कि पहली बात तो लोन लेने का प्रयास ही न करें। अगर आप लोन लेना भी चाहते हैं तो सरकारी ऐप्स के जरिए लोन लें, इसके अलावा कई प्राइवेट बैंक हैं जो लोन की सुविधा देती हैं।