Rooftop Solar Panel के लिए कैसे करें अप्लाई, जानें कैसे मिलेगी सरकारी सब्सिडी

Rooftop Solar Panel

बिजली की बढ़ती कीमत या फिर कटौती से परेशान हैं, तो फिर सोलर पैनल (solar panel) पर निवेश करना एक अच्छा विचार हो सकता है। अच्छी बात यह है कि सरकार रूपटॉप सोलर पैनल (Rooftop Solar panel) लगवाने पर सब्सिडी भी प्रदान करती है। भारत जैसे देश में लगभग 300 दिन धूप होते हैं, इसलिए सौर ऊर्जा के क्षेत्र में काफी संभावनाएं मौजूद हैं। आप घर की छतों पर सोलर पैनल का उपयोग कर बिजली बिल पर होने वाले खर्च को बचा सकते हैं। आइए जानें कौन-सा सोलर पैनल आपके लिए बेहतर हो सकता है और कैसे कर सकते हैं सब्सिडी के लिए अप्लाई…

Monocrystalline vs Polycrystalline solar panel

सोलर पैनल पर खर्च करने जा रहे हैं, तो सबसे पहले आपको देखना होगा कि कौन-सा पैनल आपके लिए सही हो सकता है। मोनोक्रिस्टलाइन (Monocrystalline) सोलर पैनल से आम पॉलीक्रिस्टलाइन (Polycrystalline) सोलर पैनल की तुलना में कम सूर्य की रोशनी से भी बिजली पैदा की जा सकती है। इस पैनल की लाइफ सामान्य पैनल से कहीं ज्यादा होती है। जानें दोनों पैनल में क्या है अंतर…
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Monocrystalline solar panel

अगर घरेलू इस्तेमाल के लिए सोलर पैनल खरीदने जा रहे हैं, तो मोनोक्रिस्टलाइन सौर पैनल एक विकल्प हो सकता है। यह सिलिकान के सिंगल क्रिस्टल से बने होते हैं। इसमें बिजली पैदा करने के लिए पैनल सिंगल क्रिस्टल के साथ इंटरैक्ट करती है। इसमें अन्य पैनलों की तुलना में ऊर्जा पैदा करने की क्षमता अधिक होती है। भारत में यह सौर पैनल अन्य पैनलों की तुलना में अधिक महंगे हैं। ज्यादातर मामलों में मोनोक्रिस्टलाइन सौर पैनल (Monocrystalline solar panel) अधिक कुशल होते हैं, क्योंकि एक सेल के अंदर इलेक्ट्रॉन घूमने के लिए स्वतंत्र होते हैं। हालांकि सौर पैनल के निर्माण और मॉडल के आधार पर दक्षता भिन्न हो सकती है। इसे उन घरों और बिजनेस के लिए सबसे अच्छा माना जाता है, जिनके पास सीमित स्पेस की सुविधा हैं। आजकल अधिकतर घरों में मोनोक्रिस्टलाइन सौर पैनल का ही इस्तेमाल किया जाता है।

Polycrystalline solar panel

अगर आपको किसी बड़े स्पेस के लिए सोलर पैनल चाहिए, तो फिर Polycrystalline solar panel एक विकल्प हो सकता है। इस सौर पैनल में सिलिकॉन क्रिस्टल के टुकड़े होते हैं। हालांकि यह मोनोक्रिस्टलाइन सौर पैनल जितना बिजली पैदा नहीं करती है, लेकिन यह सस्ता होता है। इसे तैयार करने के लिए शुद्ध सिलिकॉन क्रिस्टल की जरूरत नहीं होती है। यह पॉलीसिलिकान से बने होते हैं। अगर बड़े स्थान के लिए सोलर पैनल लगवाना चाहते हैं, तो फिर कम लागत पर पॉलीक्रिस्टलाइन सौर पैनल अच्छा हो सकता है।
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कैसे करें Rooftop Solar सब्सिडी के लिए अप्लाई

Rooftop Solar सोलर पैनल लगवाने पर सरकार की तरफ से आपको सब्सिडी की सुविधा प्रदान की जाती है। अगर 3kW तक सोलर रूफटाप पैनल लगाते हैं, तो आपको सरकार द्वारा 40 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है, वहीं 10kW के रूपटॉप सोलर पैनल पर 20प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। सरकार द्वारा आवासीय, सरकारी, सामाजिक और संस्थागत क्षेत्रों के लिए सोलर रूफटॉप (Rooftop Solar) सब्सिडी उपलब्ध कराई जाती है।

  • Rooftop Solar पैनल लगवाना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपको आधिकारिक वेबसाइट https://solarrooftop.gov.in पर विजिट करना होगा। यहां पर आपको अप्लाई फॉर सोलर रूफटॉप का विकल्प दिखाई देगा। इसक पर आपको क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद आपके सामने एक नया पेज ओपन होगा। इसमें आपको अपने अपने राज्य के अनुसार लिंक का चयन करना होगा, फिर उस पर क्लिक करना होगा। फिर एक और फार्म ओपन होगा, जिसमें आपको सभी जरूरी जानकारी दर्ज करना होगा। उसके बाद फॉर्म को सबमिट कर दें। इससे संबंधित अधिक जानकारी के लिए https://solarrooftop.gov.in साइट पर विजिट कर सकते हैं।

Solar Panel लगवाने से पहले ध्यान दें

  • आदर्श रूप से सौर पैनल 20-25 वर्षों की लाइफ के साथ आते हैं। सोलर पैनल खरीदते समय हमेशा वारंटी सर्टिफिकेट जरूर मांगें।
  • रूफटाप सोलर पैनल इंस्टालेशन के लिए नोर्थ-फेसिंग रूफ स्लोप बेहतर माना जाता है। इससे अधिकतम बिजली पैदा होती है। साथ ही, पैनल पर बारिश का पानी या मलबा भी जमा नहीं होता है।
  • Solar Panel खरीदते समय ध्यान रखें कि आपकी खपत क्या है। एक रूफटॉप सौर पैनल में आमतौर पर 36 से 72 पीवी सेल होते हैं और प्रत्येक सेल लगभग 0.5वी बिजली पैदा करते हैं।
  • आमतौर पर एक इमारत पर सौर पैनल स्थापित करने की लागत 40,000 रुपये से 6,00,000 रुपये तक होती है। यह इंस्टालेशन, डिवाइस और सौर पैनलों के प्रकार पर भी निर्भर करती है।
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