SIM Swap के जरिए खूब हो रही है ठगी, ई-सिम अपडेट के नाम पर होती है जालसाजी, जानें कैसे बचें

जालसाज आम लोगों को अपनी जाल में फांसने के लिए हमेशा नए-नए तरीके अपनाते हैं। कभी वे बैंक स्टाफ बन कर फोन करेंगे, तो कभी टेलीकॉम कंपनियों (telecom companies) के कॉलर बन कर। इन दिनों सिम स्वाइप (sim swap) के जरिए भी फ्रॉड की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। आपको 2जी, 3जी सिम को 4जी ई-सिम (eSIM) में अपग्रेड के लिए कॉल आती है, तो सावधान हो जाना चाहिए। कॉलर आपका सिम स्वाइप यानी सिम बदल कर बैंक अकाउंट (bank account)खाली कर सकता है। एचडीएफसी बैंक भी सिम स्वाइप फ्रॉड (sim swap fraud) को लेकर लोगों को अलर्ट कर रहा है। आइए जानते हैं कैसे सिम स्वाइप के जरिए लोगों के साथ ठगी किया जा रहा है…

ऐसे हो रहा है फ्रॉड
सिम स्वाइप साइबर फ्रॉड (cyber fraud) का नया तरीका है। साधारण शब्दों में कहें, तो इसका मतलब होता है कि सिम कार्ड को चेंज करना, लेकिन जब यह बिना आपकी जानकारी के होता है, तो समझ लीजिए, यह एक फ्रॉड एक्टिविटी है।

  • जालसाज सोशल इंजीनियरिंग (social engineering) के तरीके जैसे कि फिशिंग, विशिंग आदि के जरिए पीड़ित के बैंक अकाउंट (bank account) की डिटेल और मोबाइल नंबर हासिल कर लेता है।
  • इसके बाद वह मोबाइल ऑपरेटर के रिटेल आउटलेट पर फेक आइडी प्रूफ (fake id proof ) के साथ जाता है और ओरिजनल सिम कार्ड को ब्लॉक करा कर नया सिम कार्ड हासिल कर लेता है।
  • पोस्ट वेरिफिकेशन के बाद ऑपरेटर वास्तविक ग्राहक के सिम को डीएक्टिवेट कर देता है और फेक कस्टमर को नया कार्ड जारी कर देता है।
  • अब जालसाज नए सिम और बैंक डिटेल का इस्तेमाल कर बैंक से गलत तरीके से ट्रांजैक्शन कर लेता है।

कैसे बच सकते हैं?

  • अगर आपको 2जी या 3जी सिम को अपडेट करने के लिए कोई कॉल करता है, तो उस पर सीधे भरोसा न करें।
  • अगर इस तरह के कॉलर द्वारा कोई एसएमएस (SMS) प्राप्त होता है, तो उसे टेलीकॉम प्रोवाइडर को सेंड न करें। जैसे ही एसएमएस रिसीव होगा, टेलीकॉम ऑपरेटर आपके सिम को डीएक्टिवेट कर जालसाज को ई-सिम (eSIM)जारी कर देगा।
  • कॉलर के साथ बैंक (Bank)और कार्ड से जुड़ी किसी भी तरह की डिटेल को शेयर न करें।
  • कॉलर के कहने पर किसी एप्स और लिंक्स को बिल्कुल भी ओपन न करें। अगर कॉलर के कहने पर आपने किसी एप को डाउनलोड किया है, तो तुरंत उसे अनइंस्टॉल कर फोन को सिक्योर करें।
  • अगर आपका सिम कार्ड डीएक्टिवेट हो जाता है, तो बैंक से तुरंत कॉन्टैक्ट करें और उस नंबर से जुड़े बैंक एकाउंट को सिक्योर करवा लें। सबसे खराब स्थिति से बचने के लिए तुरंत अपने बैंक का पासवर्ड बदल लें।
  • अपने बैंकिंग लेनदेन के लिए नियमित एसएमएस के साथ-साथ ईमेल एलर्ट के लिए रजिस्टर कर लें। अगर आपका सिम डीएक्टिवेट हो जाता है, तब भी ईमेल के माध्यम से एलर्ट प्राप्त होते रहेंगे।
  • समय-समय पर अपने बैंक स्टेटमेंट को भी चेक करते रहें। देखते रहें कि जो लेनदेन हुए हैं, वह आपके द्वारा ही किए गए हैं या नहीं।
  • अगर आपके साथ कोई फ्रॉड हो जाता है, तो तुरंत बैंक को फोन कर एकाउंट को ब्लॉक कराएं। इस संबंध में आप साइबर रिपोर्टिंग पोर्टल http://cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।