Electric Vehicle में क्यों लगती है आग, एक्सपर्ट से जानें बचाव के टिप्स

fire in electric Sccoter

देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री (electric vehicle industry) का विकास बहुत तेजी से हो रहा है। साथ ही, सरकार की तरफ से भी इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के इस्तेमाल के लिए काफी प्रोत्साहन और सपोर्ट मिला है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रिक स्कूटरों (electric scooter) की बिक्री में तेज वृद्धि दर्ज हुई है, लेकिन हाल ही में कुछ इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगाने की घटनाओं ने इस इंडस्ट्री के समक्ष चुनौतीपूर्ण स्थिति खड़ी कर दी है। आइए WardWizard Innovations and Mobility Ltd की चीफ ऑपरेशंस ऑफिसर Sheetal Bhalerao की जानते हैं कैसे इलेक्ट्रिक स्कूटरों को आग से बचाया जा सकता है…

Mrs Sheetal Bhalerao, Chief Operations Officer, WardWizard Innovations and Mobility Ltd

भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटरों (electric scooter) में आग लगने के हालिया घटनाओं ने इसके सुरक्षा संबंधित चिंताओं को बढ़ाया है। देश के पर्यावरण में तेजी से बढ़ते तापमान, ईवी में आग लगाने की घटनाओं के लिए एक प्रमुख कारण साबित हुआ है। ईवी बैटरी में थर्मल मैनेजमेंट अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसे बहुत ठंडे या बहुत गर्म मौसम की स्थिति में संचालित करने की आवश्यकता होती है। जब हम भारत के संदर्भ में बात करते हैं जहां देश के कई राज्यों में अधिकतम तापमान 40-45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाती हैं।
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वर्ल्ड इलेक्ट्रिक व्हीकल जर्नल में प्रकाशित शोध के आधार पर, यह पता चला है कि लगभग 25 डिग्री सेल्सियस पर 1500 चक्रों के बाद एक लिथियम आयन (lib) बैटरी अपनी क्षमता का लगभग 15 प्रतिशत खो देती है, जबकि लगभग 45 डिग्री सेल्सियस पर यह मात्र 1000 चक्रों में ही 23-25 प्रतिशत के करीब इसकी क्षमता कम हो जाती है। कंपनियों को भी अपनी फैक्ट्री में उत्पादन के समय खासतौर पर क्वालिटी संबंधित जांच पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए। बैटरी गुणवत्ता निरीक्षण के लिए दिशानिर्देशों का मानकीकृत किया जाना चाहिए। दूसरी ओर, यूजर्स को भी समझना चाहिए कि इलेक्ट्रिकल व्हीकल्स का राइडिंग मानदंड आईसी इंजन एक जैसा नहीं होता है। इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicle) के उपभोक्ताओं को अपने वाहनों को सुरक्षित रखने के लिए इन बातों का जरूर ख्याल रखना चाहिएः

गर्मी से बचाव करें
सबसे जरूरी है कि अत्यधिक गर्मी के संपर्क से इसे सुरक्षित करना जरूरी है। साथ ही, यह भी सुनिश्चित करें कि आप अपने ईवी (EV) को लंबे समय तक सीधी धूप में नहीं छोड़ें और अपने व्हीकल को छाया में खड़ा करें ।

ऑरिजिनल चार्जर का करें उपयोग
बैटरी को किसी भी तरह के नुकसान से बचाने के लिए आपको अधिकृत या ऑरिजिनल चार्जर का उपयोग करना चाहिए जो बैटरी के अनुकूल हो।
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बैटरी को बार-बार चार्ज करने से बचें
आपको अपनी बैटरी को बार-बार चार्ज करने से बचना चाहिए या उपयोग के बाद खासतौर पर एक घंटे के भीतर चार्ज करने से बचना चाहिए। बैटरी रिचार्ज करने से पहले बैटरी सिस्टम को अवश्य ठंडा होने दें।

बैटरी के खराब या लीकेज होने पर
यदि आपको बैटरी में कोई रिसाव, क्षति या फिर खराबी दिखाई देती है, तो तुरंत डिवाइस को अलग कर दें। साथ ही, अपने डीलर को इस संदर्भ में तुरंत सूचित करें।
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मानदंड के अनुरूप चार्ज बनाए रखें
जब वाहन को लंबे समय तक पार्क किया जाता है, तो पूरी तरह से चार्ज और पूरी तरह से क्षीण बैटरी दोनों तेजी से कम होती जाती हैं। 20 प्रतिशत और 80 प्रतिशत के बीच चार्ज एक आदर्श स्थिति है, जिसे बनाए रखने की सलाह दी जाती है।

फास्ट चार्जिंग का उपयोग करने से बचें
यदि आपकी बैटरी खत्म होने वाली है, तो क्विक चार्जर का उपयोग किया जा सकता है, जो मददगार साबित होगी। हालांकि यह कम समय में बड़ी मात्रा में करंट को बैटरी में इंजेक्ट करता है, जिससे आपकी EV बैटरी पर दबाव पड़ता है और यह तेजी से कमजोर हो सकती है। फिर भी, यह सुनिश्चित करना मुश्किल है कि तीन साल की नियमित चार्जिंग आपको तीन साल की रैपिड चार्जिंग की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक बैटरी जीवन प्रदान करेगी।
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