गाड़ी ट्रांसफर करवाने का झमेला खत्म, तुरंत ऑनलाइन हो जाएगा ये काम

भारत सरकार ने एक ऑनलाइन सेवा शुरू की है, जिसकी मदद से आसानी से गाड़ी को किसी और के नाम ट्रांसफर किया जा सकता है।

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भारत में नई गाड़ी खरीदने के साथ-साथ पुरानी गाड़ियों को खरीदने का चलन भी बढ़ता जा रहा है। जहां पुरानी गाड़ी खरीदने के चलते लोगों के पैसे बच जाते हैं, वहीं जो व्यक्ति गाड़ी बेच रहा होता है उसके लिए नई गाड़ी की डाउन पेमेंट भी हो जाती है। हालांकि गाड़ी (Two Wheeler) को ट्रांसफर करना यूजर्स को बड़ा झमेला लगता है, लेकिन अब यह काम काफी आसान हो गया है। बता दें कि, जहां पहले के जमाने में RTO ऑफिस के जरिए गाड़ियां ट्रांसफर होती थी। अब डिजिटल का जमाना आ चुका है। अगर आप भी अपनी पुरानी गाड़ी को बेचकर उसे किसी दूसरे के नाम पर ट्रांसफर करना चाहते हैं, तो अब भारत सरकार ने एक ऑनलाइन सेवा शुरू की है, जिसकी मदद से आसानी से गाड़ी को किसी और के नाम ट्रांसफर किया जा सकता है। आगे हम आपको vehicle ownership transfer online करने के कुछ आसान स्टेप्स बता रहे हैं।

गाड़ी ट्रांसफर की शुरुआती स्टेज

अपनी गाड़ी को ट्रांसफर करने से पहले आपको डाक्यूमेंट्स का ख्याल रखना होगा। इन डाक्यूमेंट्स में रजिस्ट्रेशन कार्ड, इंश्योरेंस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, एड्रेस प्रूफ, Form 28, Form 30, Form 29 और Form 31 की जरूरत पड़ेगी। इसके साथ ही Form 35 भी जरूरी है, यह बैंक के मामले में काम आता है। इसके अलावा गाड़ी के मालिक का परिवहन वेबसाइट पर एक अकाउंट भी होना जरूरी है। जिस पर उनका मोबाइल नंबर रजिस्टर हो। क्योंकि मोबाइल नंबर की मदद से यूजर के पास ओटीपी आएगा। जिसके बाद ही गाड़ी ट्रांसफर हो पाएगी।

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फॉलो करें यह स्टेप्स

अपनी गाड़ी को ट्रांसफर करते वक्त आपको Parivahan Website पर विजिट करना होगा। इस वेबसाइट पर विजिट करते ही आपको ऑनलाइन सर्विसेज का ऑप्शन नजर आएगा। इस ऑप्शन पर जाते ही आपको व्हीकल रिलेटेड सर्विसेज पर जाना होगा। इस ऑप्शन में आपको अपने राज्य को चुनना होगा। इसके बाद आपकी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन और चेचिस नंबर पूछा जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद आपको सही एप्लीकेशन चुनना होगा।

जब आप इस प्रोसेस को पूरा कर लेंगे तो गाड़ी खरीद रहे नए ग्राहक और आपके बारे में जानकारी पूछी जाएगी। जिसके बाद Aadhar और OTP की मदद से प्रक्रिया पूरी होगी। आखिर में आपको कुछ शुल्क चुकाना होगा। जिसकी रिसिप्ट आपको मिल जाएगी। इसके अलावा आपको बता दें कि कुछ राज्यों में आरटीओ द्वारा नए ओनर के घर पर रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भेज दिया जाता है। लेकिन कई राज्यों में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है, इसके लिए आपको आरटीओ के ऑफिस में भी विजिट करना पड़ सकता है। 

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How to transfer two wheeler online

  • Parivahan Website पर विजिट करें
  • परिवहन वेबसाइट पर अकाउंट बनाएं
  • ऑनलाइन सर्विस को चुने
  • जिसके बाद व्हीकल रिलेटेड सर्विसेज चुने
  • अपने राज्य को चुने
  • रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस नंबर डालें
  • एप्लीकेशन को चुन कर अपनी डिटेल्स फिल करें
  • आखरी स्टेप में पेमेंट करें

इस पूरी प्रक्रिया के द्वारा आप ऑनलाइन वेबसाइट की मदद से आसानी से अपनी गाड़ी को ट्रांसफर कर पाएंगे।

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अंकित ने पत्रकारिता की शुरुआत स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट के रूप में की थी लेकिन तकनीकी के प्रति विशेष रुझान इन्हें Mysmartprice हिंदी में लेकर आया है। पत्रकारिता के दौरान इन्होंने एक चीज बखूबी सीखा है और वह है आसान भाषा में लोगों को सटीक जानकारी देना। और यही खूबी इन्हें दूसरों से अलग बनाती है। यहां अंकित मोबाइल और तकनीक के साथ ऑटोमोबाइल्स सेग्मेंट को भी कवर करते हैं। पत्रकारिता में इन्हें 5 साल से ज्यादा का अनुभव है जहां इन्होंने राज एक्सप्रेस, थिंक विथ नीश, स्टेट न्यूज और बंसल न्यूज जैसे आर्गेनाइजेशन में अपना योगदान दिया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्यूनिकेशन से मास्टर डिग्री ली है। साथ ही टाइम्स ग्रुप से बैंकिंग मैनेजमेंट में डिप्लोमा भी किया है।