QR Code के जरिए करते हैं पेमेंट तो जान लें ये बातें, नहीं को खाली हो जाएगा अकाउंट

QR Code (क्विक रिस्पॉन्स) के जरिए पेमेंट का चलन हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ा है। इसके जरिए कहीं भी आसानी से पेमेंट (payment) किया जा सकता है। पेमेंट करने का यह कॉन्टैक्टलेस तरीका है, इसलिए कोरोना काल में इसका इस्तेमाल बढ़ा है। आपको बता दें कि इस तकनीक का इनोवेशन जापानी कंपनी डेंसो वेव ने किया था। क्यूआर कोड एक तरह का बारकोड (barcode)होता है। स्कैन (Scan)करने के बाद इससे आसानी से पेमेंट किया जा सकता है।

भारत में क्यूआर कोड से पेमेंट व्यापक तौर पर तीन तरह से भारत क्यूआर, यूपीआई क्यूआर और प्राप्रिएटरी क्यूआर के जरिए होता है। आप चाहें, तो इसकी मदद से दुकानों, मॉल आदि में आसानी से भुगतान कर सकते हैं। लेकिन अब इस पेमेंट सिस्टम का फायदा साइबर क्रिमिनल्स (cyber criminals) भी उठाने लगे हैं। आपकी थोड़ी-सी गलती से साइबर क्रिमिनल्स आपके बैंक अकाउंट (bank account) को खाली कर सकता है।

कैसे होता है यह फ्रॉड
क्यूआर कोड (QR Code) से पेमेंट करते समय यूजर को काफी सतर्क रहने की जरूरत है। आमतौर पर अगर आप मॉल या दुकानों में इसके जरिए पेमेंट (payment) करते हैं, तो रिस्क कम होता है। मगर ठग आपको दूसरे तरीके से जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं। एक तरीका यह है कि ठग आपको टेक्स्ट मैसेज के जरिए एक बधाई संदेश भेज सकता है, जिसमें आपसे कहा जा सकता है कि आप 10,000 रुपये जीत गए हैं। इसे हासिल करने के लिए क्यूआर कोड (QR Code) को स्कैन करें। फिर अमाउंट डालने के बाद आपना यूपीआई पिन (upi pin) दर्ज करें।

आमतौर पर जो भोले भाले यूजर्स होते हैं, वे इनकी जाल में फंस कर क्यूआर कोड स्कैन कर लेते हैं। यहां लोगों को लगता है कि पैसे अब उनके अकाउंट में जमा हो जाएंगे, लेकिन होता ठीक इसके विपरीत है। यूजर के अकाउंट से ठग पैसे उड़ा ले जाता है। कई बार साइबर क्रिमिनल्स (cyber criminals) फिशिंग ईमेल, टेक्स्ट या फिर सोशल मीडिया (social media) के जरिए भी फेक क्यूआर कोड भेजते हैं।

कोड को स्कैन करते ही यूजर को फेक साइट पर ले जाया जाता है, जहां उनसे अपनी पर्सनल जानकारी को दर्ज करने के लिए कहा जाता है। यहां से आपकी पर्सनल जानकारी (personal information) को चोरी करने के साथ डिवाइस में वायरस या फिर स्पाईवेयर को भी डिवाइस में ट्रांसफर किया जा सकता है।

सतर्क रहेंगे तो बच जाएंगे

  • अगर क्यूआर कोड के जरिए पेमेंट कर रहे हैं, तो पेमेंट के दौरान दिखाए जाने वाले डिटेल को ठीक से पढ़ लें। इसके बाद ही पेमेंट करें। पेमेंट करने के दौरान जल्दबाजी न करें।
  • क्यूआर कोड भुगतान का उपयोग केवल उन्हीं परिस्थितियों में करें, जहां आप सहज महसूस करते हैं। उस तरीके से भुगतान न करें, जिनके बारे में आप पूरी तरह से परिचित न हों।
  • क्यूआर कोड को एक लिंक की तरह ही मानें। यदि यह नहीं जानते हैं कि यह कहां से उत्पन्न हुआ है या स्रोत पर पूरी तरह से विश्वास नहीं करते हैं, तो इसे स्कैन करने से बचें।
  • अगर आप क्यूआर कोड का इस्तेमाल कर रहे हैं या फिर इसे इंस्टॉल करने की सोच रहे हैं, तो फिर बेहतर होगा कि बिल्ट इन फिल्टर का इस्तेमाल करें।
  • एक बार जब क्यूआर स्कैन करते हैं, तो इससे जुड़े यूआरएल को देखने के लिए एक पॉप-अप उभरना चाहिए। यदि कोई यूआरएल नहीं है या फिर एक छोटा लिंक जैसे bit.ly जैसा दिखता है, तो सावधान हो जाएं। लिंक को फॉलो करने से बेहतर होगा कि पहले यूआरएल की चांज करें या इसे प्रदर्शित करने वाले क्यूआर स्कैनर को इंस्टॉल करें।
  • डिवाइस को सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर से हमेशा अपडेट रखें। यदि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर संदेह है, तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें और लॉगइन क्रेडेंशियल को बदल दें। आप चाहें, तो राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
    वैसे, क्यूआर कोड एक सुरक्षित और सुविधाजनक पेमेंट सिस्टम है, लेकिन इससे जुड़े धोखाधड़ी से बेहद सावधान रहने की जरूरत भी है, नहीं तो आपको बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है।