RBI Digital Rupee : जानें क्या है E-Rupee, कैसा करता है काम, क्रिप्टो से क्यों है अलग

अब (RBI Digital Rupee) डिजिटल करेंसी के आ जाने के बाद भारतीय यूजर्स सुरक्षित तरीके से लेनदेन कर पाएंगे। वहीं डिजिटल करेंसी के पायलट प्रोजेक्ट के तहत सरकार इसकी पूरी तरह जांच परख करेगी जिसके बाद इसमें और भी बदलाव देखने को मिलेंगे। जानें डिटेल्स...

49169

RBI Digital Rupee : भारतीय रिजर्व बैंक RBI ने आज भारतीय ग्राहकों के लिए नई डिजिटल करेंसी (Digital Rupee) लॉन्च कर दी है। सबसे पहले इसे खुदरा व्यापार के लिए इस्तेमाल में लाया जाएगा। आपको बता दें कि इस सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी CBDC को आज यानी गुरुवार को लॉन्च किया गया है। खास बात यह है कि अब इस डिजिटल करेंसी के आ जाने के बाद भारतीय यूजर्स सुरक्षित तरीके से लेनदेन कर पाएंगे। वहीं डिजिटल करेंसी के पायलट प्रोजेक्ट के तहत सरकार इसकी पूरी तरह जांच परख करेगी जिसके बाद इसमें और भी बदलाव देखने को मिलेंगे। आइए, आगे आपको बताते हैं कि डिजिटल करेंसी कैसे काम करेगी और यह क्रिप्टो करेंसी (cryptocurrency) से क्यों अलग है।

Digital Rupee का उपयोग

1 दिसंबर 2022 को लॉन्च किए गए Digital Rupee को पायलट प्रोजेक्ट के तहत लाया गया है। जिसे सबसे पहले ग्राहकों और व्यापारियों के लिए कुछ जगहों और छोटे ग्रुप में शुरू किया जाएगा। जहां प्रोजेक्ट को शुरुआत में मुंबई, नई दिल्ली, बेंगलुरु और भुवनेश्वर जैसे चार शहरों एंट्री मिलेगी। जिसकी मदद से ग्राहक और व्यापारी digital rupee (e₹-R) या e-rupee का उपयोग कर पाएंगे। इन चार शहरों में डिजिटल करेंसी के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, यस बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का सपोर्ट रहेगा। वहीं, आगे इस सेवा को अहमदाबाद, गंगटोक, गुवाहाटी, हैदराबाद, इंदौर, कोच्चि, लखनऊ, पटना और शिमला जैसे शहरों में फैलाया जाएगा। जहां आगे बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक जुड़ेंगे।
यह भी पढ़ेंः Pan Card नहीं रहेगा किसी काम का, इनकम टैक्स पेयर ध्यान दें…

क्या है e-rupee

नया ई-रुपया कैश की जगह एक इलेक्ट्रॉनिक करेंसी है। जिसे मुख्य रूप से खुदरा लेनदेन के लिए उपयोग किया जाने वाला है। जिसमें निजी क्षेत्र, गैर-वित्तीय उपभोक्ताओं और व्यवसायों द्वारा उपयोग शामिल है। खास बात यह है कि यह काफी सुरक्षित है। क्योंकि यह केंद्रीय बैंक की डायरेक्ट लाइबेलिटी है। इसे लेकर आरबीआई ने कहा है कि “सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) केंद्रीय बैंक द्वारा डिजिटल रूप में जारी की गई कानूनी करेंसी है। यह फिएट करेंसी के समान है और फिएट करेंसी से एक्सचेंज की जा सकती है लेकिन इसका रूप अलग है।”

कैसा काम करेगा Retail digital rupee

e₹-R डिजिटल टोकन के रूप यूजर्स को सुविधा देगा। जिसे कानूनी मान्यता प्राप्त है। आप इसको नोट और सिक्कों के समान उपयोग कर पाएंगे। आरबीआई के अनुसार, यूजर्स योजना के तहत बैंकों द्वारा पेश किए गए और मोबाइल फोन और उपकरणों पर मौजूद डिजिटल वॉलेट के माध्यम से भी ई-आर के साथ लेनदेन कर सकेंगे। यह लेन-देन पर्सन टू पर्सन (P2P) और पर्सन टू मर्चेंट (P2M) दोनों में किया जाएगा। इसके साथ ही व्यापारी स्थानों पर क्यूआर कोड (QR Code) का उपयोग करके भी इसे इस्तेमाल किया जा सकता है। खास बात यह भी है की “ई-आर को नकदी की तरह सुरक्षित माना जाएगा। नकदी के मामले में यह कोई ब्याज अर्जित नहीं करेगा और इसे अन्य प्रकार के धन में परिवर्तित किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें:8000 रुपये सस्ता खरीदें Nothing Phone (1), तगड़े फीचर्स और अनोखे डिजाइन के लिए मशहूर है फोन

e-rupee के फायदे

भारत में सीबीडीसी को जारी करने के कई फायदे होंगे। जिसमें प्रमुख तौर पर कैश मैनेजमेंट में लगने वाली लागत को कम करना शामिल है। इसके साथ ही वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना, भुगतान प्रणाली में लचीलापन, दक्षता और नयापन लाना शामिल है। इसके अलावा, e-rupee से जनता को कोई बड़ा जोखिम भी नहीं होगा।

क्रिप्टो से क्यों है अलग    

RBI की डिजिटल रुपी या सीबीडीसी ब्लाकचेन और दूसरी अन्य तकनीकों का उपयोग करके बनाई गई है। जहां डिजिटल रुपी लीगल टेंडर का डिजिटल रूप है, जो केंद्रीय बैंक के कंट्रोल में होगा। इस करेंसी को आरबीआई द्वारा विनियमित किया जाएगा। इसके उलट क्रिप्टोकरेंसी एक डिजिटल करेंसी है, जो किसी केंद्रीय बैंक के नियंत्रण में नहीं आती है। यहां तक कि क्रिप्टोकरेंसी किसी सरकारी संस्था द्वारा भी नहीं चलाई जाती है। वहीं, इसकी वैल्यू भी डिमांड पर निर्भर करती है।

ये भी पढ़ें:ऐसे जानें अपना गैस सब्सिडी स्टेटस : देखें स्टेप बाई स्टेप तरीका 

Web Stories