वायर्ड हैडफ़ोन खरीदें या वायरलेस, क्या है सही चॉइस? जानें

आजकल की टेक्नोलॉजी की दुनिया में हर कोई स्मार्टफ़ोन इस्तेमाल करता है. ऐसे में शायद ही कोई होगा जिसके पास आपको हैडफ़ोन ना मिले. ये गैजेट फ़ोन की तरह ही बेहद ज़रूरी हो चुका है. आप ट्रेवल कर रहे हैं या यूं ही गाने सुनने के लिए हर कोई हैडफ़ोन को आजकल अपने पर्स या पॉकेट में याद से रखता है. साथ ही अगर आप हैडफ़ोन का ध्यान अच्छे से रखते हैं तो सालों-साल ये आपका साथ देते हैं.

इन सब के बीच जो बातचीत का मुद्दा आजकल उठता है; वह है वायर्ड और वायरलेस हैडफ़ोन के बारे में. बहुत से लोग वायरलेस हैडफ़ोन में काफी सहज महसूस करते हैं तो वही पर कई लोग आज भी इसको अच्छे से और सहजता से इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं और अपने वायर्ड यानि के तार वाले हैडफ़ोन में ही खुश रहते हैं.

हालांकि दोनों ही हैडफ़ोन का चुनाव करना पूरी तरह से व्यक्ति का निजी मुद्दा है फिर भी आइए जान लेते हैं इन दोनों ही तरह के हैडफ़ोन के बारे में कुछ खास बातें-

वायर्ड हैडफ़ोन:

जानकारी के मुताबिक ये हैडफ़ोन साल 1910 से हमारे बीच हैं और इनके कई फायदे भी हैं;

पॉकेट फ्रेंडली: अगर आपको बजट की चिंता है तो कोई भी वायर्ड हैडफ़ोन आपको वायरलेस हैडफ़ोन के मुकाबले सस्ते दाम पर मिल जाएगा क्योंकि इस टेक्नोलॉजी को बनाने में कम खर्च आता है.

बेहतर साउंड क्वालिटी: माना जाता है कि वायर्ड हैडफ़ोन एनालॉग सिग्नल पर काम करते हैं इसलिए ब्लूटूथ के मुकाबले इनमें साउंड क्वालिटी अच्छी रहती है.

कनेक्टिविटी की सुविधा: वायर्ड हैडफ़ोन का एक और सबसे बड़ा फायदा है कि ये आप एक से ज्यादा डिवाइस में भी कनेक्ट कर सकते हैं, चाहे वह आपका फ़ोन हो या फिर किसी का वॉकमेन. इनकी कनेक्टिविटी के चलते ये बेहतर माने जाते हैं.

चार्जिंग का झंझट नहीं: वायर्ड हैडफ़ोन को आपको बार बार चार्ज करने की परेशानी नहीं उठानी पड़ती है. बस अपने डिवाइस में हैडफ़ोन लगाएं और आप अपनी पसंद का म्यूजिक सुनने के लिए तैयार हो जाते हैं.

इन सब के बीच कुछ दिक्कत जो वायर्ड हैडफ़ोन से आपको उठानी पड़ सकती है वो है-

वायर: जी हां! जब तक आप एक जगह पर बैठे हैं तब तक वायर्ड हैडफ़ोन आपके लिए काफी सही चॉइस है, पर अगर आप घर का काम करते हुए या फिर एक्सरसाइज आदि के समय पसंदीदा म्यूजिक सुनना चाहते हैं तो तार के साथ आपको दिक्कत ज़रूर हो सकती है.

वायरलेस हैडफ़ोन

वायर्ड की तरह ही वायरलेस हैडफ़ोन के भी कुछ अच्छे फीचर है तो कुछ ऐसे है जिनसे आपको थोड़ी परेशानी हो सकती है. वायरलेस हैडफ़ोन के कुछ बेहद अच्छे फायदे है-

कहीं भी इस्तेमाल करने की सुविधा: वायरलेस हैडफ़ोन आपको आज़ादी का अनुभव करवाते हैं. आप जब चाहे जैसे चाहें इनका इस्तेमाल कर सकते हैं. साथ ही आजकल तो वाटरप्रूफ वायरलेस हैडफ़ोन भी बाज़ार में आ चुके है जो लोगों काफी पसंद कर रहे हैं.

मॉडर्न डिवाइस के लिए सही चॉइस: आजकल हम देख रहे हैं कि कई फ़ोन कंपनी 3.5mm के अपने पुराने जैक को डिवाइस से हटा रही है, ऐसे में वायरलेस हैडफ़ोन और चर्चा में आ रहे हैं.इन्हें आप किसी भी ब्लूटूथ, इन्फ्रारेड फैसिलिटी से लेस डिवाइस से कनेक्ट कर सकते हैं.

फायदे के साथ साथ कुछ नुकसान जो वायरलेस हैडफ़ोन में देखने को मिलते हैं वो है;

दाम ज्यादा होना: वायरलेस हैडफ़ोन वायर्ड के मुकाबले ज्यादा महंगे मिलते हैं.

चार्जिंग का झंझट: आपको वायरलेस हैडफ़ोन को बार बार चार्ज करना पड़ता है. बिना चार्जिंग के इससे काम लेना संभव नहीं है.

रिपेयर करवाना है मुश्किल: इन सब के साथ साथ वायरलेस हैडफ़ोन की रिपेयर करवाना भी आपको मंहगा पड़ सकता है.

इन सब के बीच हम देखते हैं कि आज भी वायरलेस के मुकाबले वायर्ड हैडफ़ोन ही ज्यादा बिकते हैं, पर फिर भी जैसा ही कहा गया है ये पूरी तरह से आपकी पर्सनल चॉइस है कि आप किस हैडफ़ोन पर अपने पैसे लगाना चाहत एहेन.


सत्यव्रत का मानना है कि टेक्नॉलजी का जितना इस्तेमाल करेंगे, उतना जानेंगे. इसी के चलते उन्होंने टेक जर्नलिस्ट बनने का फैसला लिया. सत्यव्रत ने अपने करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की थी, साल 2015 में वह ज़ी न्यूज़ से जुड़े. वह न केवल टेक को अच्छी तरह से समझते हैं बल्कि यह भी जानते हैं कि कौन सी स्टोरी पाठकों को ज्यादा पसंद आती हैं. अब सत्यव्रत Mysmartprice से जुड़े हैं. और यहां भी उनका मकसद हर रोज बदल रही टेक्नॉलजी की दुनिया की हर बारीकी को आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाना है.