इन चार फैसलों के लिए हमें स्मार्टफोन कंपनियों को कहना चाहिए ‘थैंक यू’

स्मार्टफोन आज हमारे दैनिक जीवन का एक ज़रूरी हिस्सा बन गया है। अतीत के कुछ फैसलों ने पूरी तरह से हमारे स्मार्टफोन एक्सपीरियंस को बदल कर रख दिया है। हेडफोन जैक पोर्ट को हटाने से लेकर ऐप्स के लिए मार्केटप्लेस शुरू करने तक; स्मार्टफोन कंपनियों ने बेहतर परफॉर्मेंस के लिए बीते एक दशक में क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। यहां नज़र डालते हैं स्मार्टफोन कंपनियों द्वारा किए गए 4 सबसे अच्छे फैसले जिनसे हमारा स्मार्टफ़ोन एक्सपीरियंस और बेहतर हुआ है:

  1. हेडफोन जैक को हटाना

हेडफोन जैक पोर्ट को हटाना काफ़ी क्रांतिकारी स्टेप था। कई लोगों को उस समय एप्पल के इस कदम से झटका लगा था। हालांकि, तब से अधिकांश स्मार्टफोन कंपनियों ने भी हेडफोन जैक को हटाना शुरु कर दिया है। शायद काफ़ी लोग इससे सहमत ना हो लेकिन, इसने कई तरीकों से स्मार्टफ़ोन को ज़्यादा कारगर बनाया है। मिसाल के तौर पर हेडफोन जैक ना होने से हम स्मार्टफ़ोन का पानी और धूल से बचाव कर सकते हैं। जैक हटाने से कम पानी हार्डवेयर में घुस पाएगा और ये ज़्यादा समय तक हमें सेवाएं दे सकेगा।

  1. फास्ट चार्जर्स

स्मार्टफोन के लांच होने के शुरुआती दिनों में, हमें लंबे समय तक उसे चार्ज करना पड़ता था। फोन को एक बार चार्ज करने में ही घंटों लग जाते थे और चार्ज होने के बाद भी फोन की बैटरी पूरा दिन हमारा साथ नहीं देती थी। लेकिन अब वक्त बदल चुका है। जबसे स्मार्टफोन कंपनियों ने इसे फास्ट चार्जिंग फीचर के साथ लांच किया है, अब फास्ट चार्जर की मदद से फोन बहुत जल्दी और आसानी से रिचार्ज हो जाते हैं। आज बाज़ार में लिथियम-आयन फोन बैटरी आ चुकी है जिससे आपका स्मार्टफोन एक बार चार्ज करने पर पूरा दिन आपका साथ देटा है, फिर चाहे आप वीडियो स्ट्रीम करें या ऑनलाइन गेम्स खेलें, फोन बैटरी आपको बीच रास्ते में धोखा नहीं देगी!

  1. एक स्मार्टफोन से कहीं ज़्यादा

ऐप्पल ने तब स्मार्टफ़ोन जगत में क्रांति ला दी थी जब उसने यूजर्स को आईफ़ोन पर ऐप्स से रू-बरू करवाया। हम आज जो लगभग हर चीज के लिए ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं, ये ना होता अगर 2007 में एप्पल ने ऐप्स को पेश ना किया होता। आज हम ऐप्स के ज़रिए खाना ऑर्डर करने, ऑनलाइन शॉपिंग करने, फिल्में देखने, संगीत सुनने और यहां तक कि अपने दोस्तों से बात करने जैसे काम कर सकते हैं जो पहले मुमकिन नहीं थे। विडियो स्ट्रीमिंग से लेकर ऑनलाइन ऑर्डर करने की हर ऐप आज हमारे पास मौजूद है। शायद ये कहना ग़लत नहीं होगा कि अगर ये सब ऐप्स हमारे फोन में नहीं होते तो हमारी दुनिया कुछ अलग ही जगह होती।

  1. बेहतरीन गेमिंग एक्सपीरियंस

निंटेंडो, सोनी और अन्य हैंडहेल्ड कंसोल निर्माताओं का बुरा दौर 2007 से शुरु हुआ क्योंकि स्मार्टफोन पारंपरिक हैंड कंसोल से बेहतर गेमिंग विकल्प बन गए थे। इसका सबसे बड़ा कारण तो ये है कि आज हम ऐप स्टोर से सीधे कोई भी गेम डाऊनलोड कर सकते हैं, यहां तक कि कई गेम्स लांच होने के तुरन्त बाद ही ऐप स्टोर में पहुंच जाती हैं। आज, स्मार्टफोन गेमर एक-दूसरे को ऑनलाइन कम्पीट कर सकते हैं और MOBAs (मल्टीप्लेयर ऑनलाइन बैटल एरेना) में एक साथ कई लोग आपस में खेल सकते हैं।


सत्यव्रत का मानना है कि टेक्नॉलजी का जितना इस्तेमाल करेंगे, उतना जानेंगे. इसी के चलते उन्होंने टेक जर्नलिस्ट बनने का फैसला लिया. सत्यव्रत ने अपने करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की थी, साल 2015 में वह ज़ी न्यूज़ से जुड़े. वह न केवल टेक को अच्छी तरह से समझते हैं बल्कि यह भी जानते हैं कि कौन सी स्टोरी पाठकों को ज्यादा पसंद आती हैं. अब सत्यव्रत Mysmartprice से जुड़े हैं. और यहां भी उनका मकसद हर रोज बदल रही टेक्नॉलजी की दुनिया की हर बारीकी को आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाना है.