ऑनलाइन शॉपिंग में ठगे जाने पर कैसे पाएं अपना पैसा वापस?

आजकल हर कोई पहले की तरह मार्केट जाकर शॉपिंग करने के मुकाबले ऑनलाइन शॉपिंग को ही पसंद करता है. घर बैठे सामान देखा, वहीं पैसा दिया और सामान आपके घर के दरवाजे पर आ जाता है. उसके बाद उसे वापस करने या बदलवाने जैसे काम भी घर बैठे-बैठे ही हो जाते हैं.

दिक्कत तब आती है जब आप जैसा सामान आने की उम्मीद लगाएं बैठे हैं वैसा ना मिल पाए और जब आप उसे वापस करना चाहें तो वही भी संभव ना हो. जी हां! बहुत सी वेबसाइट “ऊंची दुकान फीका पकवान” जैसे मुहावरे को सार्थक करती हैं, दिखता कुछ और है और आप तक पहुंचता कुछ और है.

अगर आपके साथ भी ऐसा कुछ हुआ है और वेबसाइट या ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी आपके पैसे वापस करने में आनाकानी कर रही है तो आइए जानते हैं कुछ आसान से तरीके जिनसे आप अपना पैसा वापस पा सकते हैं.

-सोशल मीडिया का इस्तेमाल करें:

आजकल सोशल मीडिया अपनी बात लोगों तक पहुंचाने का सबसे अच्छा जरिया है.आप अपने सभी तरह के सोशल मीडिया हैंडल जैसे कि फेसबुक या इन्स्टाग्राम पर पोस्ट कर सकते हैं और अपने साथ हुए फ्रॉड का जिक्र करते हुए कंपनी को टैग कर सकते हैं. ऐसे में बात आगे पहुंचती है और कंपनी आपकी बात सुनने पर विवश हो जाती है.

कंपनी के पेज पर दें रेटिंग:

आजकल रेटिंग का जमाना है. रेटिंग में आए उतार चड़ाव हर किसी को प्रभावित करते हैं. ऐसे में अगर आपको किसी ब्रांड से या उसके किसी सामान से किसी तरह की शिकायत है तो आप जाकर उनके सोशल मीडिया पेज पर भी इसके बारे में रिव्यु लिख सकते हैं और साथ ही सामान की तस्वीर भी पोस्ट कर सकते हैं.

कंज्यूमर कोर्ट में करें शिकायत:

कंज्यूमर के तौर पर आपको यदि किसी ब्रांड, प्रोडक्ट और सर्विस से किसी भी तरह की परेशानी है तो आप कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत कर सकते हैं. अलग-अलग इश्यूज के हिसाब से कम्पलेंड कोर्ट मे फाइल की जाती हैं। आप अपने स्मार्टफोन के जरिए ही सेकंड्स में कंज्यूमर ऑनलाइन रिसोर्स एंड इम्पावरमेंट (Core Centre) में ऑनलाइन भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं.

इसके अलावा बहुत से गैर सरकारी संगठन भी इसके लिए काम करते हैं. सरकार का “जागो ग्राहक जागो” स्लोगन इसी तरह के फ्रॉड का शिकार होने से लोगों को जागरूक करने के लिए था.

अलग अलग प्लेटफार्म की लें मदद:

कुछ अलग अलग तरह के सोशल मीडिया चैनल आपकी इसी तरह की शिकायतों पर काम करते हैं और उसकी सार्थकता को जांचने के बाद उसे लेकर अलग अलग तरह के कैंपेन अपने सोशल मीडिया पेज पर चलाते हैं. इसके अलावा वो कंपनी के खिलाफ लीगल नोटिस भी बनवाते हैं और उसी कंपनी को भेजते हैं. ऐसे में आपका काफी सारा काम और समय बच जाता है और आपकी शिकायत का भार भी कंपनी पर सीधे तौर पर पड़ता हैं.

वेबसाइट पर जाकर लें मदद:

सिर्फ इसी तरह के फ्रॉड के लिए अलग अलग वेबसाइट भी बनाई गई है, जैसे कि  iamcheated.com. ये कंपनी को आपकी शिकायत आगे फॉरवर्ड करते हैं. इसके साथ ही ये कंपनी के बारे में आपके रिव्यु भी ऑनलाइन पोस्ट करते हैं.

आजकल के समय में ऑनलाइन फ्रॉड करना उतना आसान नहीं है,पर फिर भी आपको ध्यान रखना चाहिए कि आप फ्रॉड वेबसाइट पर लुभावने ऑफर देख कर शॉपिंग ना करें.


सत्यव्रत का मानना है कि टेक्नॉलजी का जितना इस्तेमाल करेंगे, उतना जानेंगे. इसी के चलते उन्होंने टेक जर्नलिस्ट बनने का फैसला लिया. सत्यव्रत ने अपने करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की थी, साल 2015 में वह ज़ी न्यूज़ से जुड़े. वह न केवल टेक को अच्छी तरह से समझते हैं बल्कि यह भी जानते हैं कि कौन सी स्टोरी पाठकों को ज्यादा पसंद आती हैं. अब सत्यव्रत Mysmartprice से जुड़े हैं. और यहां भी उनका मकसद हर रोज बदल रही टेक्नॉलजी की दुनिया की हर बारीकी को आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाना है.