Tata Safari को खरीदना हुआ अब महंगा, जानें कितनी बढ़ी कीमत

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TATA SAFARI

टाटा मोटर्स ने की सफारी को अब ख़रीदना महंगा हो गया है, जी हां नई सफारी के ऑटोमैटिक वेरिएंट की कीमतों में कंपनी ने 7000 रुपए तक दाम बढ़ा दिए हैं। आपको बता दें कि सफारी में 9 ऑटोमैटिक वेरिएंट  XMA, XTA+, XZA, XZA+ 6-सीटर, XZA+, XZA+ 6-सीटर एडवेंचर एडिशन, XZA+ एडवेंचर एडिशन, XZA+ गोल्ड 6-सीटर और XZA+ गोल्ड शामिल हैं। कंपनी ने सफारी के XMA और XZA वेरिएंट की कीमतों में 3000 रुपए की बढ़ोतरी की जबकि XTA+ की कीमत में 7000 रुपए बढ़ा दिए हैं। बाकी ऑटोमैटिक वेरिएंट भी 2000 रुपए महंगे हो गए हैं। लेकिन अगर आप सफारी का मैन्युअल वेरिएंट खरीदने की सोच रहे हैं तो आपको जानकर ख़ुशी होगी कि कंपनी ने इसकी कीमत में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी ने कीमतों में बढ़ोतरी की कोई वजह नहीं बताई है। यह  भी पढ़ें: महज 120 सेकेंड में बिक गईं 120 बाइक्स, Royal Enfield की इस बाइक के दीवाने हुए लोग

Tata Safari के फीचर्स

नई सफारी में 2.0 लीटर डीजल इंजन दिया है जोकि 168bhp की पावर देता है, यह इंजन 6 स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन व 6 स्पीड ऑटोमेटिक गियरबॉक्स के साथ आता है। इस गाड़ी में तीन ड्राइव मोड्स- सिटी, स्पोर्ट्स, ईको दिए गए हैं। यह 6 सीटर और 7 सीटर ऑप्शन में आती है।  सफारी 8.8 इंच का टचस्क्रीन इन्फोटेनमेंट सिस्टम दिया है जोकि  9 स्पीकर वाले JBL साउंड सिस्टम से लैस है। सेफ्टी के लिए इसमें  एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम के साथ ईबीडी, ट्रैक्शन कंट्रोल, 6 एयरबैग्स, रियर पार्किंग सेंसर और कॉर्नर स्टैबिलिटी कंट्रोल जैसे स्टैंडर्ड और सेफ्टी फीचर्स हैं। यह  भी पढ़ें:आ रही है देश की पहली इलेक्ट्रिक क्रूजर बाइक, फुल चार्ज में 150 किलोमीटर चलेगी

अगले साल महंगी होंगी Tata की गाड़ियां

हाल ही में टाटा मोटर्स ने ऐलान कर दिया है कि उनके कमर्शियल वाहन अगले साल से महंगे होंगे। कंपनी  के मुताबिक कमर्शियल वाहनों की रेंज में 2.5 फीसदी तक का इजाफा किया जाएगा। बढ़ी हुई कीमतें एक जनवरी 2022 से लागू होंगी। कीमतों में बढ़ोतरी मीडियम और हैवी कमर्शियल व्हीकल्स (M&HCV), इंटमीडिएट और लाइट कमर्शियल व्हीकल्स (I&LCV), स्मॉल कमर्शियल व्हीकल्स (SCV) और बसों के सभी सेगमेंट्स में की जाएगी। कंपनी के मुताबिक ने जहां मैन्युफैक्चरिंग के अलग-अलग स्तरों पर बढ़ी हुई कीमतों का बड़ा हिस्सा कंपनी उठा रही है, वहीं स्टील, एल्युमीनियम और अन्य कीमती धातुओं जैसी वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि के साथ-साथ अन्य कच्चे माल की उच्च लागत की वजह से हमें अपनी गाड़ियों के दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं।