
दुबई एक बार फिर दुनियाभर में अपनी एडवांस टेक्नोलॉजी को लेकर चर्चा में छाया हुआ है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हुआ, जिसमें एक रोबोट फूड डिलीवरी लेकर कस्टमर तक पहुंचा. इस वीडियो में एक ऑटोनोमस रोबोट ग्राहक तक खाना पहुंचाता हुआ दिखाई दे रहा है। जिसके बाद हर कोई इस एडवांस टेक्नोलॉजी की तारीफ करता नजर आ रहा है। इस तकनीक को देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले समय में फूड डिलीवरी या अन्य डिलीवरी सिस्टम पूरी तरह बदल सकता है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को हरीश कुमार नामक एक भारतीय युवक ने शेयर किया है। जिसमें वह फूड ऑर्डर करने और अनोखे अंदाज में डिलीवरी के एक्सपीरियंस को दिखाया है। वीडियो में युवक ने बताया कि उसने खास ऑर्डर किया और उसकी डिलीवरी करने के लिए कोई डिलीवरी बॉय नहीं, बल्कि एक स्मार्ट रोबोट आया।
कैसे काम करता है यह रोबोट?
फूड डिलीवरी के बाद हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर यह रोबोट कैसे काम करता है। तो बता दें कि यह रोबोट जीपीएस, सेंसर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से अपना खुद रास्ता तय करता है और सीधे ग्राहक की लोकेशन तक पहुंच जाता है। जब रोबोट कस्टमर की लोकेशन पर पहुंचता है तो यूजर के फोन पर एक नोटिफिकेशन आता है। फिर यूजर रोबोट से फूड डिलीवरी लेता है और फूड के बॉक्स को यूजर ऐप के जरिए खुद अनलॉक कर सकता है। ढक्कन खुलने के बाद ग्राहक अपना ऑर्डर निकालता है और फिर ऐप के जरिए उसे वापस बंद कर देता है। यह बहुत ही सिंपल की प्रक्रिया है और इसमें न तो किसी कॉल की जरूरत होती है और न ही यूजर को किसी से कॉन्टेक्ट करना पड़ता है।
टेक्नोलॉजी के फायदे और चुनौतियां
टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हर दिन नई-ई तकनीक देखने को मिल रही हैं और रोबोट के जरिए फूड डिलीवरी की यह तकनीक बहुत ही फायदेमंद है। इस सर्विस के जरिए समय की बचत होती है और ह्यूमन एरर की समस्या भी कम होगी। फूड डिलीवरी के रोबोट का इस्तेमाल करने से कॉन्टैक्टलेस डिलीवरी संभव हो पाती है। इसलिए लोग इसे फ्यूचर की टेक्नोलॉजी मान रहे हैं।
हालांकि, इस तकनीक के फायदे ही नहीं, बल्कि कुछ चुनौतियां भी हैं। जैसे- अगर रास्ते में जा रहे रोबोट के साथ कोई छेड़छाड़ करे तो क्या होगा? भीड़भाड़ वाले इलाकों में रोबोट की मूवमेंट कितनी सुरक्षित रहेगी? खराब सड़कों या ट्रैफिक के बीच रोबोट कैसे अपनी लोकेशन तक पहुंचेगा? ये सभी सवाल बताते हैं कि इस तकनीक को पूरे तरीके से उपयोग में लाना चुनौतिपूर्ण हो सकता है।
भारत में कब तक आएगी यह टेक्नोलॉजी ?
दुबई में रोबोट द्वारा की गई फूड डिलीवरी के बाद अब भारतीय यूजर्स भी चाहते हैं कि जल्द ही इस तरह ही तकनीक उपलब्ध हो। बता दें कि भारत के कई रेस्टोरेंट में वेटर की जगह रोबोट मौजूद हैं और रोबोटिक डिलीवरी फिलहाल शुरुआती स्तर पर ही है। भारतीय शहरों में भीड़, ट्रैफिक और इंफ्रास्ट्रक्चर को देखते हुए इसे बड़े स्तर पर लागू करना काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। हालांकि, गेटेड सोसाइटी, कॉर्पोरेट कैंपस और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स में इस टेक्नोलॉजी की शुरु किया जा सकता है।


